एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । केजीएमयू में महिला रेजिडेंट डॉक्टर से यौन शोषण और कथित रूप से धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। जांच एजेंसियों को आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक के ऐसे संपर्क मिले हैं, जो पहले से प्रतिबंधित संगठनों और कट्टर विचारधाराओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। इन तथ्यों के सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
महिला रेजिडेंट पर दबाव बनाने की कोशिश की
सूत्रों के अनुसार, आरोपी डॉक्टर सोशल मीडिया के जरिए सक्रिय ऐसे लोगों के संपर्क में था, जिन पर पहले भी धर्मांतरण से जुड़े मामलों में संलिप्तता के आरोप लग चुके हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी लंबे समय से वैचारिक रूप से कट्टरपंथ से प्रभावित था और इसी सोच के तहत उसने महिला रेजिडेंट पर दबाव बनाने की कोशिश की।
डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच
पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन और लैपटॉप से कई डिजिटल जानकारियां मिली हैं। अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, ऑनलाइन संपर्कों और चैट रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह किन लोगों और किन संगठनों के संपर्क में था।
कुर्की की कार्रवाई, कई ठिकानों पर दबिश
लखनऊ पुलिस की टीम ने पीलीभीत जिले के न्यूरिया हुसैनपुर कस्बे में आरोपी डॉक्टर के पैतृक घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया है। इससे पहले पुलिस ने इस प्रकरण से जुड़े काजी और निकाह के गवाहों के घरों पर भी छापा मारकर दस्तावेज और अन्य जानकारियां जुटाई थीं।जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कथित निकाह से जुड़े कागजात पीड़िता की मौजूदगी के बिना ही तैयार कराए गए, जिससे दस्तावेजों की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लखनऊ के हुसैनाबाद क्षेत्र में भी आरोपी से जुड़े ठिकानों पर कुर्की नोटिस की कार्रवाई की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
केजीएमयू स्तर पर विभागीय कार्रवाई
केजीएमयू प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशाखा कमेटी से जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट के आधार पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ शैक्षणिक और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एमडी पैथोलॉजी पाठ्यक्रम में उसका दाखिला भी निरस्त किए जाने की तैयारी है।
पुलिस का बयान
एसपी (डीआईजी) अभिषेक यादव ने बताया कि लखनऊ पुलिस द्वारा की जा रही जांच में पीलीभीत पुलिस पूरा सहयोग दे रही है। मामले से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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