लखनऊ। पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध और पुरानी पेंशन बहाली समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारियां उत्तर प्रदेश में तेज कर दी गई हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने किसानों और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर राज्य के सभी जनपदों में संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
व्यापक जनसंपर्क और जनजागरूकता अभियान शुरू
संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि 12 फरवरी के आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रदेश के सभी जनपदों और परियोजनाओं में व्यापक जनसंपर्क और जनजागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है। समिति का कहना है कि निजीकरण के निर्णय को वापस कराने और बिजली क्षेत्र में कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह आंदोलन निर्णायक होगा।

नोटिस में ये प्रमुख मांगें रहेंगी शामिल
संघर्ष समिति ने बताया कि 12 फरवरी के आंदोलन के संबंध में पॉवर कॉरपोरेशन प्रबंधन को भेजे जाने वाले नोटिस में प्रमुख मांगें निम्न होंगी—पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त किया जाए।इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2025 को वापस लिया जाए।नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी, 2026 को वापस लिया जाए।न्यूक्लियर पॉवर सेक्टर में निजी घरानों के बड़े पैमाने पर प्रवेश हेतु बनाए गए तथाकथित ‘शांति एक्ट’ को वापस लिया जाए।
उत्पादन व ट्रांसमिशन सेक्टर में भी निजीकरण रोकने की मांग
संघर्ष समिति ने निजीकरण के विरोध में यह भी मांग उठाई कि उत्पादन के क्षेत्र में चल रहे जॉइंट वेंचर समाप्त किए जाएं तथा अनपरा ‘ई’ एवं ओबरा ‘डी’ परियोजनाएं उत्पादन निगम को सौंपी जाएं।साथ ही ट्रांसमिशन सेक्टर में टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटेटिव बिडिंग (TBCB) के नाम पर हो रहे निजीकरण को तत्काल रोकने की मांग की गई है।
पुरानी पेंशन बहाली समेत कर्मचारियों से जुड़ी अन्य मांगें
संघर्ष समिति ने कहा कि—पॉवर सेक्टर के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।सभी संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए।19 मार्च 2023 को ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा द्वारा दिए निर्देशों के अनुरूप बिजली कर्मियों पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां समाप्त की जाएं।निजीकरण विरोधी आंदोलन के दौरान की गई दमनात्मक एवं प्रतिशोधात्मक कार्यवाहियां वापस ली जाएं।
आंदोलन का 428वां दिन, विरोध प्रदर्शन जारी
संघर्ष समिति ने बताया कि निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 428वें दिन भी प्रदेश भर के सभी जनपदों एवं परियोजनाओं पर बिजली कर्मियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया।
