नई दिल्ली। नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत के कई हिस्सों तक मौसम ने कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर बरपा दिया है। समूचा उत्तर भारत, मध्य भारत का बड़ा हिस्सा और पूर्वी भारत के कई राज्य इस समय भीषण शीतलहर और घनघोर कोहरे की चपेट में हैं। पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक साफ नजर आ रहा है, जहां ठंड ने लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त कर दी है।
बिहार और ओडिशा तक कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर से लेकर बिहार और ओडिशा तक कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता घटकर 50 मीटर से भी कम रह गई। इसका सीधा असर हवाई और रेल यातायात पर पड़ा। दिल्ली में 66 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि दर्जनों ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। सड़कों पर भी वाहनों की रफ्तार थम सी गई।
दिल्ली-एनसीआर में ठंड का डबल अटैक
राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री और अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने पहले ही दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी कर रखा है। विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं।
पहाड़ों पर बर्फ की चादर, सैलानियों में उत्साह
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बर्फबारी से पहाड़ों ने सफेद चादर ओढ़ ली है। गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 7 डिग्री, पहलगाम में माइनस 6.2 डिग्री और श्रीनगर में 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बर्फबारी के बाद बांदीपोरा–गुरेज मार्ग को खोल दिया गया है, हालांकि मुगल रोड अब भी बंद है। भद्रवाह और गुलमर्ग जैसे इलाकों में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
हिमाचल और उत्तराखंड में कंपकंपाने वाली ठंड
हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के बाद शीतलहर और तेज हो गई है। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और ऊपरी शिमला के कई इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। ताबो में माइनस 6.8, कुकुमसेरी में माइनस 6.2 और कल्पा में माइनस 3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। उत्तराखंड में केदारनाथ और मुनस्यारी समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से हिमालयी चोटियां फिर से बर्फ से ढक गई हैं।
हवाओं से सुधरी हवा, ग्रेप-3 की पाबंदियां हटीं
तेज हवाएं चलने से दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है। दिल्ली का AQI 236, गाजियाबाद 239, फरीदाबाद 210, नोएडा 229 और ग्रेटर नोएडा 238 रहा। हालात सुधरते ही GRAP-3 की पाबंदियां हटा ली गईं, जिससे गैर-जरूरी निर्माण कार्य और अन्य गतिविधियां फिर से शुरू हो सकेंगी।
पश्चिमी विक्षोभ बना ठंड का मुख्य कारण
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी वायुमंडल की तेज हवाएं और उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (लगभग 140 नॉट की रफ्तार) उत्तर भारत में ठंड को और तीखा बना रही हैं। इसका असर उत्तर-पश्चिम से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत तक दिखाई दे रहा है।
मध्य और पूर्वी भारत में भी मौसम का कहर
मध्य प्रदेश में नए साल के पहले दिन ही मौसम ने करवट ली। राज्य के उत्तरी हिस्सों में 16 जिलों में घना कोहरा, जबकि 5 जिलों में बादल छाए रहे। पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं झारखंड के 11 जिलों में 3 जनवरी से यलो अलर्ट जारी किया गया है।
अभी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग का साफ कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड, शीतलहर और कोहरे का प्रकोप जारी रहेगा। तापमान में और गिरावट संभव है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम करने की सलाह दी गई है।
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