नई दिल्ली। दिल्ली के सफदरजंग एनक्लेव की एक गली… जहां कुछ दिनों बाद शहनाई बजने वाली थी, आज वहां सन्नाटा पसरा है।जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, उस घर में अब पर्दे खींच दिए गए हैं… और अंदर सिर्फ आंसुओं की आवाज़ है।

बारामती में हुए विमान हादसे में अपनी जान गंवा बैठीं

करीब 25 वर्षीय कैप्टन शंभवी पाठक, जो एक होनहार पायलट थीं, महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में अपनी जान गंवा बैठीं।यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों का टूटना है… और उस बेटी की उड़ान का थम जाना है, जिसकी जिंदगी अभी शुरू ही होनी थी।

घर में मातम… मां की आंखों में सूखते नहीं आंसू

बुधवार को शंभवी के घर का माहौल ऐसा था जैसे हर सांस भी बोझ बन गई हो।उनकी मां, जो एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में शिक्षिका हैं, सदमे से टूट चुकी हैं।बताया जा रहा है कि घर में शादी की बात चल रही थी, रिश्ते देखे जा रहे थे, तैयारियां शुरू हो चुकी थीं… लेकिन अब वही घर एक ऐसी खामोशी में डूबा है, जिसे शब्द नहीं समझा सकते।

पिता पुणे रवाना… पायलट पिता के सामने बेटी की अधूरी उड़ान

शंभवी के पिता सेना से सेवानिवृत्त पायलट हैं।जिस पिता ने उड़ान का मतलब समझाया… आज उसी पिता के सामने बेटी की उड़ान हमेशा के लिए खत्म हो गई।हादसे की खबर मिलते ही वह पुणे रवाना हो गए।

पड़ोस की आंखें नम… हर किसी की जुबान पर बस एक ही बात

इलाके के लोगों का कहना है कि शंभवी बहुत सुलझी, विनम्र और शांत स्वभाव की थीं।पड़ोस में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली शिल्पी की आवाज़ भर्रा जाती है—“वो बहुत प्यारी लड़की थी… कुछ दिन पहले ही मेरे पार्लर आई थी… उनकी मां शादी के लिए रिश्ते देख रही थीं… यकीन ही नहीं हो रहा।”वहीं सुरक्षा गार्ड जितेंद्र, जो वर्षों से इलाके में हैं, कहते हैं—“वो जब भी दिखती थीं, नमस्ते जरूर करती थीं… ऐसा लगता है जैसे मोहल्ले की बेटी चली गई।”

पढ़ाई से लेकर पायलट बनने तक… संघर्ष, मेहनत और सपना

शंभवी ने एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से पढ़ाई की।सके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड से फ्लाइट ट्रेनिंग ली और कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया।उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से एरोनॉटिक्स में बीएससी भी की थी।उनकी मेहनत, उनका सपना और उनका आत्मविश्वास… सब कुछ उन्हें आसमान तक ले गया, लेकिन किसे पता था कि आसमान ही उन्हें हमसे छीन लेगा।

हादसा कैसे हुआ… और अब जांच

अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई से उड़ान भरने के बाद लियरजेट-45 विमान बारामती में लैंडिंग से कुछ मिनट पहले तकनीकी कारणों से दुर्घटनाग्रस्त हो गया।विमान में कुल पांच लोग सवार थे, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई।बताया गया है कि मृतकों में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी शामिल हैं।DGCA की टीम मौके पर पहुंचकर तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।

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