बांदा (यूपी)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पैतृक संपत्ति विवाद ने दिल दहला देने वाली घटना को जन्म दिया है। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रामनगर अतर्रा रोड में चाची द्वारा हिस्सेदारी मांगने और ताना मारने से आहत होकर भाई-बहन ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।सोमवार दोपहर दोनों घर से निकले और करीब 4 किलोमीटर दूर बागै नदी किनारे जहर खा लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को नरैनी सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा तनाव

मृतकों के पिता प्रकाशचंद्र उर्फ मिठाई लाल गुप्ता के मुताबिक, परिवार में 2004 में बंटवारा हो चुका था। लेकिन छोटे भाई सुभाषचंद्र की पत्नी सुधा गुप्ता ने 2015 में न्यायालय में मुकदमा दायर किया था।19 जनवरी को अदालत ने सुधा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए—दुकान का किराया, मकान में हिस्सेदारी, 2000 रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था।

विवाद के बाद उठाया खौफनाक कदम

परिजनों का आरोप है कि कोर्ट के फैसले के बाद रविवार रात सुधा गुप्ता अपने भतीजे-भतीजी के घर पहुंची और हिस्सेदारी व पैसे की मांग करने लगी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया।परिवार का दावा है कि विवाद के समय सुधा ने ताना मारते हुए कहा“अगर रुपये नहीं दे सकते तो जहर खाकर मर जाओ।”इसी बात से टूटकर आनंद प्रकाश उर्फ सोम (30) और चंचल उर्फ सुभ्रता (34) ने सोमवार को आत्मघाती कदम उठा लिया।

नदी किनारे मिले शव, जहर के पाउच और स्कूटी बरामद

स्थानीय लोगों ने बागै नदी किनारे दोनों को अचेत हालत में देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस को मौके से—जहर के पाउच, एक स्कूटी बरामद हुई।मृतक चंचल उर्फ सुभ्रता की शादी कानपुर में तय थी और परिवार इसी साल जून/नवंबर में शादी करने की तैयारी में जुटा था। वहीं आनंद प्रकाश एमएससी कर चुका था और घर की दुकान संभालता था।पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पूरे मामले में परिवारिक विवाद, कोर्ट के आदेश और ताने को लेकर जांच जारी है।

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