रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां, उनके छोटे बेटे एवं पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम और पत्नी व पूर्व सांसद डॉ. तजीन फात्मा ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से खुद को अलग कर लिया है। इसके बाद ट्रस्ट की कमान आजम खां की बहन निकहत अफलाक को सौंपी गई है, जबकि बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आजम को सचिव बनाया गया है।
आजम खां का माना जाता है ड्रीम प्रोजेक्ट
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है, जिसके तहत जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूलों का संचालन होता है। इससे पहले ट्रस्ट में आजम खां अध्यक्ष और डॉ. तजीन फात्मा सचिव थीं, वहीं दोनों बेटे सदस्य के तौर पर जुड़े थे। सूत्रों के मुताबिक, कानूनी मामलों और लगातार बढ़ते दबाव के चलते आजम खां परिवार ने ट्रस्ट से दूरी बनाने का फैसला लिया।
आजम खां और अब्दुल्ला की अपील पर सुनवाई फिलहाल टली
इससे पहले जब आजम खां, अब्दुल्ला आजम और तजीन फात्मा जेल में थे, तब ट्रस्ट के संचालन में भी दिक्कतें सामने आई थीं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी गठित की गई है।उधर, दो पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे आजम खां और अब्दुल्ला आजम की अपील पर सुनवाई फिलहाल टल गई है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अब इस मामले की सुनवाई 27 जनवरी को होगी। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को सात साल की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ अपील दायर की गई है।
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