एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ ।आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू), उत्तर प्रदेश ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे आम जनता को बेचने वाले एक संगठित गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पहले सरकारी जमीनों, तालाब, चारागाह और ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करता था, फिर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैध प्लॉटिंग कर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था।
विरोध पर अभियुक्त जान से मारने की धमकी भी देते थे
वादी द्वारा विरोध करने पर अभियुक्त जातिसूचक अपशब्द कहते और जान से मारने की धमकी भी देते थे। इस संबंध में थाना कृष्णानगर, जनपद लखनऊ में वर्ष 2006 में मुकदमा अपराध संख्या 372/2006 धारा 467, 468, 471, 420, 447, 441, 504, 506 भादवि एवं धारा 3(1)10 एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जांच में सामने आए बड़े तथ्य
शासन के आदेश पर इस मामले की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को सौंपी गई। जाँच के दौरान कुल 08 आरोपी इस अवैध भूमि कब्जा व धोखाधड़ी में दोषी पाए गए।इसमें से तीन अभियुक्त पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र भेजा जा चुका है, जबकि शेष आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे थे।
अब गिरफ्तार किए गए अभियुक्त
ईओडब्ल्यू की टीम ने निरंतर प्रयासों के बाद तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है । रज्जनन यादव पुत्र भोलानाथ यादव, निवासी: मोहल्ला गाँधीनगर, लखनऊ, गिरफ्तारी स्थल: थाना पीजीआई क्षेत्र, लखनऊ, अजय कुमार तलवार, विजय कुमार तलवार, पुत्रगण: स्व. राजकुमार तलवार निवासी: मकान संख्या-108/4, मण्डल हाउस, लखनऊ गिरफ्तारी स्थल: थाना कोतवाली शहर क्षेत्र, हरदोई है। इन दोनों भाइयों को दो दिसंबर को पकड़ लिया गया।
ईओडब्ल्यू का अभियान जारी
अवैध भूमि कब्जा, फर्जी प्लॉटिंग और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ईओडब्ल्यू लगातार कार्रवाई कर रही है।अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई प्रगति पर है और सम्पत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण प्रमाण जुटाए जा रहे हैं।
मुख्य बिंदु
करोड़ों की सरकारी भूमि पर कब्जा
फर्जी दस्तावेज बनाकर आम जनता से ठगी
विरोध करने पर जातिसूचक गालियाँ व धमकी
08 आरोपी दोषी — 03 नई गिरफ्तारी
वर्ष 2006 से लंबित प्रकरण में बड़ी प्रगति
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