एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । लखनऊ के पीजीआई इलाके में बृहस्पतिवार शाम जो दृश्य सामने आया, उसने इंसानियत को झकझोर दिया। बरौली फ्लाईओवर के किनारे 9वीं की छात्रा मानसी खून से लथपथ, अचेत अवस्था में पड़ी मिली—सिर फटा हुआ, गले पर गहरे जख्म, और शरीर खून से सना। कुछ ही दूरी पर उसकी सहेली और दोस्त भी घायल पड़े थे, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती… असली सवाल यहीं से शुरू होता है।
क्रिसमस की शाम… और फिर खून
क्रिसमस डे पर घर से हंसते हुए निकली मानसी को क्या पता था कि शाम होते-होते वह जिंदगी और मौत के बीच झूलती मिलेगी। मानसी अपने दोस्तों के साथ प्लासियो मॉल घूमने गई थी। शाम करीब चार बजे राहगीरों की नजर जब फ्लाईओवर किनारे पड़ी छात्रा पर पड़ी, तो इलाके में हड़कंप मच गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और तीनों को एपेक्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया।
मां का आरोप: पहले पीटा, फिर गला काटने की कोशिश
घटना ने तब सनसनीखेज मोड़ ले लिया, जब मानसी की मां नीतू सिंह ने पीजीआई थाने पहुंचकर बेटी की सहेली और दोस्तों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया। मां का कहना है कि मानसी के साथ पहले बेरहमी से मारपीट की गई और फिर उसे मारने के इरादे से गले पर वार किया गया, ताकि पूरा मामला सड़क हादसे जैसा दिखे।मां ने साफ कहा—“मेरी बेटी को मारा गया है, यह एक्सीडेंट नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश है।”
दोस्त बोले: तेज रफ्तार ने छीनी होश
वहीं, घायल दोस्त और सहेली की कहानी इससे बिल्कुल उलट है। उनका दावा है कि फ्लाईओवर पर बाइक मोड़ते वक्त रफ्तार ज्यादा थी, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि मानसी उछलकर लोहे की रेलिंग से जा भिड़ी।
पुलिस दो कहानियों के बीच उलझी
एसीपी गोसाईगंज ऋषभ यादव के मुताबिक, मां की तहरीर पर तीन दोस्तों के खिलाफ हत्या के प्रयास और मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वहीं, इंस्पेक्टर पीजीआई का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
सबसे बड़े सवाल
- अगर यह महज हादसा था, तो गले पर जख्म कैसे आए?
- मानसी की हालत बेहद नाजुक, जबकि दोस्त मामूली चोटों के बाद घर कैसे भेज दिए गए?
- क्या हादसे की आड़ में हत्या की कोशिश को दबाने की साजिश रची गई?
जिंदगी और मौत के बीच मानसी
इस वक्त मानसी ट्रॉमा सेंटर में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। हर पल उसके लिए और उसके परिवार के लिए इंतजार और दुआ का है। वहीं, पूरा लखनऊ यह जानना चाहता है—PGI फ्लाईओवर पर उस शाम आखिर हुआ क्या था?
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