एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । प्रदेशभर में बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अन्य संदिग्ध घुसपैठियों की तलाश अब तेज कर दी गई है। आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों और अन्य स्थानीय निकायों से सफाईकर्मियों और ठेकेदारों का नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद संदिग्ध विदेशी नागरिक मतदाता सूची में नाम जोड़ने या उससे बचने की कोशिश कर रहे हैं।
लखनऊ में अकेले आठ हजार से अधिक सफाईकर्मी
सूत्रों के मुताबिक, एटीएस मुख्यालय की तरफ से सभी निगमों और स्थानीय निकायों को पत्र भेजा गया है। अधिकांश नगर निगमों और निकायों में साफ-सफाई का काम कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है। ऐसे में निगमों की तरफ से इन संस्थाओं और अधिकारियों को पत्र भेजकर जानकारी तलब की जाएगी। लखनऊ में अकेले आठ हजार से अधिक सफाईकर्मी हैं, और प्रत्येक कर्मी का सत्यापन किया जाएगा।
राजधानी में 50 हजार से अधिक संदिग्ध घुसपैठियों की पहचान की
बीते सप्ताह भाजपा महानगर की तरफ से दावा किया गया था कि उन्होंने वार्ड स्तर पर टीमें गठित की थीं, जिन्होंने राजधानी में 50 हजार से अधिक संदिग्ध घुसपैठियों की पहचान की है। पूरे बस्तीवार डाटा को जुटाया गया है, हालांकि यह सार्वजनिक नहीं किया गया। महानगर अध्यक्ष का कहना था कि एसआईआर की लिस्ट जारी होने के बाद यह डाटा जांच एजेंसियों और प्रशासन के साथ साझा किया जाएगा।
अब एटीएस इस डाटा को भी जुटाकर जांच करेगी
अब एटीएस इस डाटा को भी जुटाकर जांच करेगी। जिन लोगों का नाम इसमें शामिल होगा, उनकी भूमिका और कानूनी स्थिति की जांच होगी। यदि कोई व्यक्ति बांग्लादेशी, रोहिंग्या या अन्य घुसपैठी पाया गया, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान प्रदेश में फर्जी दस्तावेज और अवैध प्रवास पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एटीएस की इस कार्रवाई से न केवल विदेशी नागरिकों की पहचान होगी, बल्कि प्रदेश में सुरक्षा और कानून व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।
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