एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (E.O.W.), उत्तर प्रदेश को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। द्विप्रदेशीय इन्डस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन ऑफ यूपी (PICUP) से ऋण लेकर ब्याज सहित करीब ₹4,50,76,75,830.73 (450 करोड़ रुपये से अधिक) की राशि की अदायगी न करने वाले फरार अभियुक्त सुमज जैन को ईओडब्ल्यू की टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिया गया था ऋण
ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि मेसर्स प्रीमियम इंटरनेशनल फाइनेंस लिमिटेड, जिसका पंजीकृत कार्यालय एम फ्लोर, देविका टावर, नेहरू पैलेस, नई दिल्ली में है, के प्रवर्तक/निदेशक सुमज जैन ने PICUP से ₹1.5 करोड़ का ऋण फर्जी अभिलेखों के आधार पर स्वीकृत कराया था। इसके बाद न तो ऋण की मूल राशि चुकाई गई और न ही ब्याज की अदायगी की गई।
गोमतीनगर थाने में दर्ज हैं 10 मुकदमे
PICUP से ऋण लेकर भुगतान न करने के मामलों में थाना गोमतीनगर, लखनऊ में कुल 10 अभियोग पंजीकृत किए गए थे। उत्तर प्रदेश शासन के आदेश पर इन सभी मामलों की विवेचना ईओडब्ल्यू को सौंपी गई।इन्हीं में से एक मामला मु0अ0सं0 218/2004 भी है, जिसमें गंभीर वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोप सामने आए।
सरकारी खजाने को पहुंचाई गई भारी वित्तीय क्षति
ईओडब्ल्यू की विवेचना में यह स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त सुमज जैन पुत्र डॉ. एम.पी. जैन, निवासी एस-287, पंचशील पार्क, नई दिल्ली, द्वारा PICUP को ब्याज सहित चार अरब पचास करोड़ छिहत्तर लाख पचहत्तर हजार आठ सौ तीस रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिससे सरकारी वित्त को गंभीर क्षति पहुंची।
लंबे समय से चल रहा था फरार
अभियुक्त गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से फरार चल रहा था। ईओडब्ल्यू की टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी। आखिरकार 24 दिसंबर को उसे 81, सैनिक फार्म, सेंट्रल एवेन्यू, खानपुर, साउथ दिल्ली,थाना नेब सराय, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।
आगे की कार्रवाई जारी
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, अभियुक्त से पूछताछ कर ऋण घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं, संपत्तियों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
यह भी पढ़े : कांग्रेस ने महान विभूतियों का कद छोटा करने की कोशिश की : मोदी
यह भी पढ़े :65 एकड़ में बना राष्ट्र प्रेरणा स्थल देश को समर्पित, पीएम मोदी ने अटलजी को किया नमन
यह भी पढ़े : युवा महिलाओं में बढ़ता स्तन कैंसर खतरा, देर से इलाज बन रहा जानलेवा
