एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । सहारनपुर के गंगोह में एसटीएफ ने 1 लाख के इनामी वांटेड अपराधी सिराज को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। सिराज सुल्तानपुर जिले के चर्चित हत्याकांड में फरार चल रहा था और लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी। मुठभेड़ के दौरान सिराज ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह मारा गया।
सहारनपुर में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था
शनिवार देर रात एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि सिराज गंगोह क्षेत्र में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम ने इलाके में घेराबंदी कर सघन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ द्वारा जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया
घेराबंदी के दौरान सिराज ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया।मौके से एक मोटरसाइकिल,पिस्टल (.30 बोर),पिस्टल (.32 बोर) तथा भारी मात्रा में जिंदा कारतूस (.30 व .32 बोर), खोखा कारतूस,चार मोबाइल फोन,दो वाई-फाई डोंगल,छोटा बैग,आधार कार्ड सहित अन्य कागजात बरामद हुआ है।
30 से अधिक मुकदमों का है आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त सिराज अहमद उर्फ पप्पू (उम्र लगभग 36 वर्ष), निवासी लोलेपुर, थाना कोतवाली नगर, जनपद सुलतानपुर, एक एचएस (हिस्ट्रीशीटर) अपराधी है। इसके विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर, रासुका, बलवा और रंगदारी समेत 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
2023 के एक हत्या कांड के बाद से अभियुक्त फरार चल रहा था
पुलिस के अनुसार, 27 मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित हो चुके हैं जबकि एक मामला विवेचनाधीन है। वर्ष 2023 के एक हत्या कांड के बाद से अभियुक्त फरार चल रहा था और जमानत का दुरुपयोग कर लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त था।
अपराध की दुनिया में लंबा सफर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सिराज अहमद ने वर्ष 2006 में मारपीट और लूट की घटना से अपराध जगत में कदम रखा था। उसके बाद वह संगठित गिरोह बनाकर लगातार जघन्य अपराध करता रहा। अभियुक्त के पास अवैध रूप से अर्जित संपत्ति, जमीन, मकान और फैक्ट्री होने की भी जानकारी सामने आई है।
मारा गया बदमाश सिराज बेहद शातिर अपराधी था
मारा गया बदमाश सिराज बेहद शातिर अपराधी था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, अवैध हथियार रखने और गैंगस्टर एक्ट सहित करीब 30 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। सुल्तानपुर के हत्याकांड के बाद से वह लगातार ठिकाने बदल रहा था और पुलिस को चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
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