एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । थाना तालकटोरा क्षेत्र स्थित कर्बला तालकटोरा से चोरी हुए घोड़े ‘जुल्जना (दूलदूल)’ की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देशों पर पुलिस उपायुक्त पश्चिमी, अपर पुलिस उपायुक्त पश्चिमी के निर्देशन तथा सहायक पुलिस आयुक्त बाजारखाला के पर्यवेक्षण में की गई।

गिरफ्तार अभियुक्त की निशानदेही पर घोड़ा बरामद

थाना तालकटोरा और पश्चिमी जोन की सर्विलांस टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई कार्रवाई में अभियुक्त छोटू वर्मा (25 वर्ष) पुत्र रामू वर्मा को प्रेम डेयरी, थाना पारा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की निशानदेही पर चोरी गया सफेद रंग का घोड़ा ‘जुल्जना (दूलदूल)’ जनपद उन्नाव से सकुशल बरामद किया गया।

घोड़े की चोरी की रिपोर्ट थाना तालकटोरा में दर्ज कराई थी

पुलिस के अनुसार, 24 दिसंबर 2025 को कर्बला तालकटोरा निवासी सैय्यद फैजी ने अपने घोड़े की चोरी की रिपोर्ट थाना तालकटोरा में दर्ज कराई थी, जिस पर मु0अ0सं0-263/2025 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। बाद में बरामदगी के आधार पर धारा 317(2) बीएनएस की वृद्धि की गई।

100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए

घटना की गंभीरता को देखते हुए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज के विश्लेषण में एक संदिग्ध व्यक्ति घोड़े को ले जाते हुए दिखाई दिया, जिसकी पहचान पूर्व कर्मचारी छोटू वर्मा के रूप में हुई।

फरार सहअभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही

पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने अपने साले फिरोज उर्फ भैय्या के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। अभियुक्त ने बताया कि वह पहले कर्बला तालकटोरा क्षेत्र में कार्य कर चुका था, जिससे उसे इलाके की भौगोलिक जानकारी थी। इसी जानकारी का दुरुपयोग कर उसने वारदात को अंजाम दिया। फरार सहअभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

यह भी पढ़े : सीतापुर में खून की होली: पिता-पुत्र को गोलियों से भूना, फिर गला रेतकर बेरहमी से की हत्या, दहशत

यह भी पढ़े : इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद बड़ा फैसला, जमानत मामलों में डिजिटल होगी पुलिस प्रक्रिया

यह भी पढ़े : एएनटीएफ आगरा को बड़ी सफलता, दो करोड़ की हेरोइन के साथ नाइजीरियाई तस्कर गिरफ्तार

यह भी पढ़े : धर्म की रक्षा के लिए सिख गुरुओं का बलिदान सर्वोच्च: योगी

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *