नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राजधानी दिल्ली में वैश्य समाज के प्रतिनिधियों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों से संवाद कर व्यापार जगत की समस्याएं सुनीं। इस संवाद का वीडियो बुधवार को राहुल गांधी के आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से साझा किया गया है।
एमएसएमई सेक्टर पर सीधा दबाव बढ़ता जा रहा
इस बैठक में फुटवियर निर्माण, कृषि उत्पाद, औद्योगिक इलेक्ट्रिकल, कागज और स्टेशनरी, यात्रा व्यवसाय, पत्थर काटने, रसायन और हार्डवेयर सहित कई क्षेत्रों से जुड़े व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने मौजूदा आर्थिक नीतियों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में छोटे व्यापारियों और एमएसएमई सेक्टर पर सीधा दबाव बढ़ता जा रहा है।
बढ़ती निर्भरता को लेकर भी व्यापारियों ने गंभीर चिंता
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जीएसटी व्यवस्था सुधार का माध्यम बनने के बजाय उत्पीड़न का औजार बन गई है। उनका कहना था कि कच्चे माल पर अधिक कर और तैयार उत्पादों पर कम कर की नीति से छोटे उत्पादक नुकसान में हैं, जबकि बड़े कॉरपोरेट को लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही महंगाई, घटते रोजगार अवसर और आयात पर बढ़ती निर्भरता को लेकर भी व्यापारियों ने गंभीर चिंता जताई।
राहुल गांधी ने व्यापारियों की बातों को ध्यान से सुना
संवाद के दौरान राहुल गांधी ने व्यापारियों की बातों को ध्यान से सुना और कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि एकाधिकार आधारित शासन मॉडल छोटे व्यापारियों, कारीगरों और उद्यमियों को खत्म कर देगा। उन्होंने जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था व्यापार को आसान बनाने के बजाय डर और दबाव का माहौल पैदा कर रही है।
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