एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ ।उत्तर प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेशभर में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों को एक जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह निर्णय लगातार गिरते तापमान, घने कोहरे और बढ़ती गलन को देखते हुए लिया गया है।

बच्चों के स्वास्थ्य से किसी प्रकार समझौता नहीं

यह आदेश प्रदेश के सभी आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड से संबद्ध सरकारी व निजी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि ठंड के इस प्रकोप के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

दो जनवरी से बदले समय पर खुलेंगे स्कूल

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक जनवरी के बाद जब विद्यालय दो जनवरी से पुनः खुलेंगे, तब माध्यमिक विद्यालयों का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाएगा। पहले स्कूलों का समय सुबह 9:30 बजे से 3:30 बजे तक था। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को अगले आदेश तक संशोधित समय-सारिणी लागू रखने के निर्देश दिए हैं।

ठंड और कोहरे का कहर जारी

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक घना कोहरा और शीतलहर बनी रहेगी। कई जिलों में दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सुबह के समय आवागमन प्रभावित हो रहा है। दिन के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और कई स्थानों पर शीत दिवस घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शीतलहर के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। स्कूल बंदी के आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मैदान में उतरेंगे अफसर, व्यवस्थाओं की होगी निगरानी

मुख्यमंत्री ने शासन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं क्षेत्रों में भ्रमण कर जमीनी हालात का जायजा लें। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रत्येक जिले में सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने और जरूरतमंदों के लिए कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

‘कोई भी खुले में न सोए’: योगी

रैन बसेरों के संचालन को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति कड़ाके की ठंड में खुले में सोने को मजबूर न हो। सभी रैन बसेरों में बिछौने, कंबल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंदों को समय पर राहत सामग्री और सुरक्षित आश्रय मिल सके।प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि शीतलहर के दौरान लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

राहत कार्यों पर भी फोकस

सीएम ने सभी जिलों में रैन बसेरों को सक्रिय रखने, सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

अभिभावकों को राहत

राज्य सरकार के इस फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। ठंड और कोहरे के बीच बच्चों को स्कूल भेजने की मजबूरी अब नहीं रहेगी। प्रशासन का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एहतियाती फैसला माना जा रहा है।

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