एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी में हनीट्रैप के नाम पर एक और बड़ा मामला सामने आया है। इस बार निशाने पर थे सेना से जुड़े संवेदनशील डाटा तक पहुंच रखने वाले युवा तकनीकी कर्मचारी। आरोप है कि शातिर गैंग ने उन्हें जाल में फंसाकर न केवल लगभग 8.69 लाख रुपये ऐंठ लिए, बल्कि उनका विभागीय आई-कार्ड और आधार कार्ड की तस्वीरें भी कब्जे में लेकर खुफिया जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।

टेलीग्राम पर नैंसी शर्मा नाम की महिला से बातचीत शुरू हुई थी

मामला जैसे ही उजागर हुआ, PGI थाना पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच व इंटेलिजेंस यूनिट भी सक्रिय हो गई है।सूत्रों के अनुसार, आगरा के शमशाबाद रोड निवासी और 509 आर्मी बेस वर्कशॉप में तैनात केशव देव की तीन महीने पहले टेलीग्राम पर नैंसी शर्मा नाम की महिला से बातचीत शुरू हुई थी। बातचीत ने दोस्ती और फिर मुलाकात का रूप ले लिया। 26 नवंबर को नैंसी के बुलावे पर वह तेलीबाग पहुंचे, लेकिन वहां तैयार बैठा था हनीट्रैप गैंग।

मोबाइल से 8.69 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए

जगह पर पहुंचे ही महिला और उसके तीन साथियों ने उन्हें बंधक बनाकर मारपीट शुरू कर दी। गैंग ने धमकाते हुए उनके मोबाइल से 8.69 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए और सोने की चेन व अन्य कीमती सामान भी लूट लिया। इतना ही नहीं, आरोपी उनके कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाते रहे और 40 लाख रुपये की फिरौती की मांग कर धमकाते रहे कि वीडियो वायरल कर दिया जाएगा।

खुफिया पहलू पर जांच तेज

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने उनके विभागीय आई-कार्ड की तस्वीरें भी ले ली थीं। इससे एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि कहीं यह गिरोह सेना से जुड़े दस्तावेज़ और सूचनाएं हासिल करने की सुनियोजित कोशिश तो नहीं कर रहा था।

जांच में अहम सुराग मिले

पीड़ित अभी तक संदिग्ध खातों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके

संपर्क में इस्तेमाल सभी मोबाइल नंबर बंद

तेलीबाग स्थित घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी खंगाले जा रहे

क्राइम ब्रांच को कुछ अहम इनपुट मिले, जिन पर गुप्त रूप से काम जारी

इंस्पेक्टर PGI धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान के कई मजबूत सूत्र हाथ लगे हैं और उनकी गिरफ्तारी जल्द सुनिश्चित की जाएगी।

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