एसएमयूपीन्यूज, फर्रुखाबाद। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) उत्तर प्रदेश को बड़ी सफलता मिली है। जमीनों पर फर्जी बैनामा कर कब्जा करने वाले वांछित आरोपी राम कैलाश पाण्डेय को बुधवार रात गोण्डा जिले से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी ईओडब्ल्यू द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत की गई है।
कैसे खुला फर्जी बैनामों का खेल?
जनपद गोण्डा में लंबे समय से भू-माफिया और उनके सहयोगियों द्वारा सरकारी और आम जनता की जमीनों पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में पता चला कि आरोपी गैंग निबंधन कार्यालय सदर, गोण्डा के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी विलेख तैयार करता था।
फर्जी बैनामों के आधार पर जमीन पर कब्जा कर लिया जाता था
इसके बाद अभिलेखागार में रखे असली दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर उनकी जगह फर्जी दस्तावेज प्रतिस्थापित कर दिए जाते थे। इस तरह तैयार फर्जी बैनामों के आधार पर जमीन पर कब्जा कर लिया जाता था।
निबंधन कार्यालय द्वारा की गई जांच में अनेक फर्जी रजिस्ट्रियां मिलने के बाद कई मुकदमे दर्ज कराए गए। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच थाना एसआईटी, लखनऊ को सौंप दी, जहां अब तक कुल 50 मुकदमे पंजीकृत किए जा चुके हैं।
गिरफ्तार आरोपी की जानकारी
नाम: राम कैलाश पाण्डेय, पिता: विजलेश्वरी पाण्डेय, निवासी: छितौनी, थाना कौड़िया, जनपद गोण्डा, गिरफ्तारी: 10 दिसंबर 2025, शाम 8:15 बजे, स्थान: जनपद गोण्डा, आरोपी के खिलाफ मु.अ.सं. 18/2023 में गंभीर धाराओं 120बी, 419, 420, 467, 468, 471 IPC और 7A भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है।
आरोपियों की कार्यप्रणाली
सरकारी/जनता की जमीनें चिन्हित करना
फर्जी विलेख और दस्तावेज तैयार करना
निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों से मिलीभगत कर मूल अभिलेखों में बदलाव करना
फर्जी दस्तावेज अभिलेखागार में लगवाना
फर्जी बैनामों के जरिए जमीन पर कब्जा करना
यह भी पढ़े : कोडीन कफ सीरप तस्करी पर कसा शिकंजा, विशेष जांच दल (SIT) का गठन
यह भी पढ़े : 12 साल की लवस्टोरी का खूनी अंत, मां-बेटियां ने मिलकर इंजीनियर को उतारा मौत के घाट
यह भी पढ़े : कोई न रहे परेशान, सरकार दे रही बिजली बिल में बड़ी राहत
