एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । आजमगढ़ जिले में प्रतिबंधित पशु वध के चर्चित केस में शनिवार सुबह पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। थाना अतरौलिया क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में एक आरोपी को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगाई गई हैं।
ताला तोड़कर दो प्रतिबंधित पशुओं का कर दिया था वध
ग्राम गोरथानी में 8 नवंबर की रात अज्ञात लोगों ने राजू के बरदौर का ताला तोड़कर दो प्रतिबंधित पशुओं का वध कर दिया था। आरोपी सिर और मलबा वहीं छोड़कर बाकी मांस लेकर फरार हो गए थे। घटना के बाद थाना अतरौलिया में गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।इस मामले में पुलिस पहले ही 18 नवंबर को दो अभियुक्त इरफान (निवासी कौड़ाही, थाना बसखारी, अंबेडकरनगर) और शहजादे आलम उर्फ चांद (निवासी अतरौलिया) को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनके पास से दो चापड़ और 10,500 की बरामदगी हुई थी।
पुलिस ने रोका तो शुरू कर दी फायरिंग
शनिवार सुबह सुखीपुर अंडरपास के पास पुलिस चेकिंग कर रही थी कि तभी कटका-अंबेडकरनगर की दिशा से एक संदिग्ध युवक बाइक पर आता दिखा। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में युवक के बाएं पैर में गोली लगी और उसे दबोच लिया गया।घायल आरोपी की पहचान करीम (निवासी रफीउल्लाहपुर रन्नू खां का पुरा, थाना जलालपुर, अंबेडकरनगर) के रूप में हुई। उसके कब्जे से तमंचा, कारतूस और 3,200 नकद बरामद किए गए।
गोवध कांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान आरोपी का साथी आरिफ (निवासी नगपुर, थाना जलालपुर) बाइक समेत अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। वह पूरे पशु वध कांड का मुख्य आरोपी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस सतर्क है और गोवध कांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।
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