एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी के सबसे सुरक्षित और वीवीआईपी जोन माने जाने वाले गौतमपल्ली इलाके में सीएम आवास के पास रविवार सुबह ऐसा नजारा दिखा, जिसने मौके पर मौजूद हर शख्स की साँसें रोक दीं। उन्नाव जिले के लोनारीखेड़ा गांव से आया जगदीश यादव अपने पूरे परिवार कुल 11 लोगों के साथ अचानक गोल्फ चौराहे पर पहुंचा और पेट्रोल से भरा डिब्बा निकालकर खुद को आग लगाने की तैयारी करने लगा। कुछ ही सेकंड में एक बड़ा हादसा हो सकता था, परंतु तैनात पुलिसकर्मियों की तीव्र नज़र और फुर्ती ने 11 लोगों की जान बचा ली। पुलिस ने झपटकर जगदीश के हाथ से डिब्बा छीन लिया और सभी को तुरंत हिरासत में लेते हुए थाने ले जाया गया।

आखिर पूरा परिवार आत्मदाह के लिए क्यों उतारू हुआ

थाने में पूछताछ के दौरान सामने आया कि जगदीश यादव और उनके विपक्षी सूरज बली के बीच कई वर्षों से ज़मीन को लेकर गंभीर विवाद चल रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि 25 मार्च को जगदीश के ही विपक्षी सूरज बली ने भी टैंगो-3 बैरियर पर इसी तरह पेट्रोल लेकर आत्मदाह का प्रयास किया था। उस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझा दिया गया था, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ।

21 नवंबर को दोनों परिवारों में जमकर हुई थी मारपीट

21 नवंबर को दोनों परिवारों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें सूरज को सिर में गंभीर चोट आई। उसी आधार पर सूरज बली ने जगदीश व उसके परिवार के खिलाफ बलवा, मारपीट, दुर्भावनापूर्ण हमले और एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया।जगदीश का आरोप है कि उन्नाव पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। हमारी बात तक नहीं सुनी गई। निर्दोष लोगों को भी आरोपी बना दिया गया। आरोपों से परेशान परिवार ने जान देने जैसा फैसला ले लिया।

काैन-कौन था आत्मदाह के लिए थे तैयार

पुलिस ने मौके से जिन 11 लोगों को बचाया, उनमें शामिल हैं जगदीश यादव, कप्तान यादव, शैलेंद्री, रोशनी, सोनी, मोहिनी, संस्कार (9 वर्ष), प्रतीक (8 वर्ष), प्रिंस (10 वर्ष), ईशानी (4 वर्ष), इच्छा (7 वर्ष) शामिल रहे। सबसे खतरनाक बात यह थी कि इनमें छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी थे।

पुलिस अलर्ट, गंभीर जांच शुरू

इंस्पेक्टर गौतमपल्ली रत्नेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्नाव पुलिस को पूरा मामला सौंप दिया गया है। परिवार को उन्नाव ले जाया गया है। यदि किसी ने उकसाया है या किसी संगठन ने उन्हें आत्मदाह के लिए प्रेरित किया है, तो कड़ा ऐक्शन लिया जाएगा। एसीपी हजरतगंज विकास राय ने भी स्पष्ट किया कि हालात कुछ ही क्षण में भयावह हो सकते थे, परंतु पुलिस की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।

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