उत्तर प्रदेश पुलिस ने ड्रग्स माफिया पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतापगढ़ में नशे के कारोबार से जुड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में जेल में बंद गैंग सरगना राजेश मिश्रा के घर से दो करोड़ रुपये से अधिक नकदी, करीब 6.075 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक बरामद किया है।

राजेश मिश्रा अपने पूरे नेटवर्क को जेल से ही संचालित कर रहा था

जानकारी के मुताबिक, प्रतापगढ़ जिला कारागार में बंद राजेश मिश्रा अपने पूरे नेटवर्क को जेल से ही संचालित कर रहा था। पुलिस की टीम ने शनिवार को कुंडा सीओ अमरनाथ गुप्ता और मानिकपुर थाने की संयुक्त कार्रवाई में राजेश मिश्रा के घर पर छापा मारा। इस दौरान वहां से उसकी पत्नी रीना मिश्रा, पुत्र विनायक मिश्रा, पुत्री कोमल मिश्रा, रिश्तेदार अजीत मिश्रा और यश मिश्रा को गिरफ्तार किया गया।

आलमारियों और बक्सों से नकदी मिली

छापेमारी के दौरान पुलिस को घर में जगह-जगह रखी बोरियों, आलमारियों और बक्सों से नकदी मिली। रकम की गिनती के लिए पुलिस को चार मशीनें मंगानी पड़ीं। बरामदगी की कुल कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर और एसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि गैंग लंबे समय से नाजायज मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त कर रहा था और इसका संचालन जेल में बंद राजेश मिश्रा कर रहा था।

ड्रग माफिया के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान का हिस्सा

रीना मिश्रा के विरुद्ध पहले से गैंगेस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई संगठित अपराध और ड्रग माफिया के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। अन्य संबंधित अभियुक्तों पर भी कार्रवाई जारी है।

जेल में बंद तस्कर के घर मिले नोटों के ढेर, पुलिस ने 4 मशीनों से गिने रुपये

जेल में बंद मादक पदार्थ तस्कर राजेश मिश्रा का काला कारोबार एक बार फिर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। कुंडा के क्षेत्राधिकारी अमरनाथ गुप्ता और मानिकपुर पुलिस ने राजेश मिश्रा के घर पर शनिवार सुबह छापा मारकर उसके अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।

पुलिस को उसके घर से दो करोड़ रुपये से अधिक नकदी बरामद हुई, जिसके बाद घंटों तक नोटों की गिनती चलती रही।पुलिस टीम ने चार वाहनों से पहुंचकर 24 घंटे तक छापेमारी अभियान चलाया। घर के तीन कमरों की आलमारी, बक्सों, डिब्बों, तहखाने और यहां तक कि बेड के नीचे तक से रुपये बरामद किए गए।

22 पुलिसकर्मी लगातार पूरी रात नोट गिनने में जुटे रहे

नकदी इतनी अधिक थी कि पुलिस को कालाकांकर स्थित बैंक से 4 नोट गिनने की मशीनें मंगानी पड़ीं। मौके पर मौजूद 22 पुलिसकर्मी लगातार पूरी रात नोट गिनने में जुटे रहे।सूत्रों के अनुसार, तस्कर राजेश मिश्रा जेल के अंदर से ही नशे की तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि राजेश का पूरा परिवार इस धंधे में शामिल है।

छापे की पूरी मॉनिटरिंग पुलिस अधीक्षक स्वयं करते रहे और लगातार टीम से अपडेट लेते रहे।रविवार सुबह तक जब कार्रवाई पूरी होने को थी, तभी पुलिस को राजेश मिश्रा के कुर्क मकान से जुड़े पुराने घर में तहखाने के भीतर दो कमरों में बोरी भरकर रखे रुपये मिले, जिससे छापेमारी का सिलसिला फिर शुरू हो गया। कार्रवाई रविवार सुबह तक जारी रही।पुलिस अब इस नकदी के स्रोत, गिरोह के अन्य सदस्यों और बैंक खातों की जांच कर रही है।

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