एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । सोशल मीडिया की दुनिया अब युवाओं के लिए सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रही, बल्कि कभी-कभी खतरे का जाल बन रही है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती कभी-कभी मासूमियत की आड़ में धोखे और अनचाही परिस्थितियों तक ले जाती है। चेतावनी के बावजूद कई युवा इस ऑनलाइन मोहजाल में फंसकर अपने फैसलों की कीमत चुका रहे हैं। हल्की-फुल्की चैट से शुरू हुई दोस्ती कभी-कभी खतरनाक मोड़ ले लेती है और युवाओं के लिए यह खतरे का साया बन जाती है।

इसका ताजा उदाहरण सरोजनीनगर में किशोरी के साथ हुए गैंगरेप की घटना से आसानी से लगाया जा सकता है। यहां की संकरी गलियों में एक किशोरी अपने माता और पिता के साथ रहती है, जो कक्षा सात की छात्रा है। वह स्कूल से लौटकर वह अक्सर अपने कमरे में मोबाइल पर दोस्तों से बातें करना व सोशल मीडिया पर अपनी रोजमर्रा की बातें साझा करना हर दिन की दिन चर्या में शामिल है।

डेढ़ माह पहले छात्रा की इंस्टाग्राम से एक युवक से हुई दोस्ती

करीब डेढ़ महीने पहले इंस्टाग्राम पर आगरा एक्सप्रेसवे के पास रहने वाले विमल नामक युवक ने छात्रा से दोस्ती का रिक्वेस्ट भेजा था तो छात्रा ने स्वीकार कर लिया शुरुआत में बातचीत किताबें, स्कूल की पढ़ाई, हॉबीज और खेल-कूद की होती रही फिर दोनों के बीच मोबाइल नंबर का अदान प्रदान हुआ , धीरे-धीरे फोन पर मजाक-मस्ती और बातचीत का सिलसिला बढ़ता गया और किशोरी ने विमल में भरोसा महसूस करना शुरू कर दिया।

अब इसमें हैरान करने वाली बात यह कि विमल ने छात्रा से दोस्ती करने के बाद अब अपने दोस्तों संग एक प्लान बनाया। योजनानुसार दो नवंबर की रात लगभग दस बजे विमल ने किशोरी से मिलने का आग्रह किया। उसने अपनी मां से कहा कि वह थोड़ी देर बाहर अपने दोस्त से मिलने जा रही है।

दोस्त से मिलने पहुंची तो दो और साथी पहले से थे मौजूद

मां ने बेटी पर भरोसा किया और उसे जाने दिया। छात्रा सड़क पर पहुंची तो चोरों तरफ सन्नाटा था बस एक स्कॉर्पियों खड़ी थी, जिसमें से उसे कोई आवाज लगा रहा था। पास गई तो देखा विमल के साथ पीयूष और शुभम मिश्रा भी मौजूद थे। तीनों ने किशोरी को बहला फुसलाकर स्कॉर्पियो में बैठा लिया और मड़ियांव के आईआईएम रोड स्थित एक होटल की ओर रवाना हो गए। होटल पहुंचने के बाद किशोरी की दुनिया अचानक धुंधली और भय से भरी हो गई। दो दिन तक वह होटल के कमरे में कैद रही। आरोप है कि विमल और पीयूष ने उसके साथ गलत काम किया। विरोध करने पर उसे बुरी तरह पीटा गया, उसका मोबाइल छीन लिया गया और धमकाया गया कि किसी को कुछ कहा तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे।

भय के बाजदूर नहीं खोई उम्मीद

किशोरी की आंखों में डर और आशंका के बीच भी उम्मीद की एक छोटी सी किरण जिंदा थी। उसने खुद को संभाला, हिम्मत जुटाई और कई बार गिड़गिड़ाकर अपने को छुड़ाने की कोशिश की। दो दिनों की कैद और भय के बावजूद, उसने अपनी उम्मीद नहीं खोई। मंगलवार दोपहर, आरोपी उसे घर के पास छोड़कर भाग गए। घर लौटकर किशोरी ने अपनी मां को पूरी घटना बताई।

उसकी आंखों में डर और रोशनी दोनों झलक रहे थे डर, जो उसने महसूस किया, और रोशनी, जो हिम्मत से आई। मां ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अगली सुबह दोनों सरोजनीनगर थाने पहुंचीं।पुलिस ने किशोरी की शिकायत दर्ज की और मामले की जांच शुरू की। बुधवार को आरोपी पीयूष व शुभम को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि तीसरे आरोपी विमल यादव की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

ऐसे घटना से लड़कियों को लेनी चाहिए सबक

डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि आरोपी अब कानून के हवाले हैं। किशोरी का मेडिकल कराया गया और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई। पुलिस ने बताया कि घटना के वक्त शुभम होटल से पहले ही चला गया था।यह घटना केवल एक भयावह अनुभव नहीं थी, बल्कि यह सच्ची कहानी हमें याद दिलाती है कि बच्चों को ऑनलाइन और ऑफलाइन सुरक्षा के बारे में शिक्षित करना और सतर्क रहना कितना जरूरी है। चूंकि सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती फिर उनके साथ विश्वासघाट की खबरे आये दिन आती रहती है। ऐसे में खासकर लड़कियों को इसके प्रति बहुत सचेत रहने की जरूरत है।

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