एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी में सीआईडी में तैनात एएसपी मुकेश प्रताप सिंह की पत्नी नितेश की संदिग्ध मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में 30 जुलाई को नितेश का शव फंदे से लटका मिलने के बाद यह मामला अब हत्या और आत्महत्या के बीच उलझ गया है। अब इस केस की विवेचना लखनऊ से स्थानांतरित कर फिरोजाबाद पुलिस को सौंप दी गई है।
नितेश का शव फंदे से लटका मिला था
महानगर थाने के इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि नितेश के परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विवेचना स्थानांतरित करने की अर्जी दी थी। उच्चाधिकारियों के आदेश पर अब पूरा मामला और संबंधित दस्तावेज फिरोजाबाद पुलिस को भेज दिए गए हैं, जो अब इस संवेदनशील प्रकरण की जांच करेगी।
जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था
दरअसल, 30 जुलाई की सुबह पुलिस लाइन स्थित एएसपी आवास में नितेश का शव फंदे से लटका मिला था। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था। लेकिन नितेश के मायके पक्ष ने इसे पूर्वनियोजित हत्या करार दिया था। उनका कहना था कि नितेश की हत्या कर साजिशन इसे आत्महत्या का रूप दिया गया।
नितेश ने पति के दूसरी महिला से करीब संबंध का लगाया था आरोप
घटना के बाद नितेश के भाई प्रमोद कुमार ने महानगर थाने में एएसपी मुकेश प्रताप सिंह, उनके परिजनों और एक महिला के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी।प्रमोद ने आरोप लगाया था कि मुकेश का आशियाना निवासी एक महिला से करीबी संबंध था, जिसके चलते वह नितेश को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
मुकेश ने अपने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे
प्रमोद के मुताबिक, नितेश ने कई बार फोन पर बताया था कि उसके पति उसे रोजाना अपमानित करते हैं और घर के लोग भी उसका साथ नहीं देते। परिवार ने समझा-बुझाकर हर बार मामला शांत कराया, लेकिन तनाव लगातार बढ़ता गया।दिलचस्प बात यह रही कि घटना से कुछ ही दिन पहले एएसपी मुकेश ने अपने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे।
नितेश की कई गतिविधियां कैमरे में कैद
जांच के दौरान पुलिस को बताया गया कि घटना की रात नितेश की कई गतिविधियां कैमरे में कैद हैं। हालांकि, परिजन इसे भी साजिश का हिस्सा मानते हैं और आरोप लगाते हैं कि घटना के वक्त कैमरों की फुटेज से छेड़छाड़ की गई।नितेश की शादी 30 नवंबर 2012 को मुकेश प्रताप सिंह से हुई थी।
निष्पक्ष जांच के बाद ही खुलेगा नितेश की मौत का राज
वह फिरोजाबाद जनपद के नगला करन सिंह की रहने वाली थीं, जबकि मुकेश का मूल निवास इटावा के भीमनगर, अजीतनगर में है।अब जबकि विवेचना फिरोजाबाद पुलिस को सौंप दी गई है, परिवार को उम्मीद है कि नए सिरे से निष्पक्ष जांच के बाद नितेश की मौत का सच सामने आ सकेगा यह आत्महत्या थी या किसी साजिश का अंजाम।
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