एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । गाजियाबाद के डासना जेल से एक कैदी को भगाने की साजिश रचने वाले दो पुलिसकर्मी पकड़े गए हैं। यह मामला न सिर्फ पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़ा करता है बल्कि आंतरिक निगरानी तंत्र की कमजोरियों को भी उजागर करता है।घटना शनिवार की है। गाजियाबाद पुलिस लाइन में तैनात सिपाही राहुल कुमार और सचिन कैदियों की पेशी ड्यूटी पर थे।

दोनों निजी गाड़ी में डासना जेल पहुंचे

नियमों के मुताबिक उन्हें सरकारी वाहन से जेल पहुंचना था, लेकिन दोनों निजी गाड़ी में डासना जेल पहुंचे। उस दिन अदालत में पेशी के लिए कुल छह कैदियों को ले जाना था, पर दोनों ने केवल बिजेंद्र नामक कैदी को गौतम बुद्ध नगर ले जाने पर जोर दिया।जेल प्रशासन को यह बात संदिग्ध लगी। जांच में पता चला कि उस दिन बिजेंद्र की गौतम बुद्ध नगर में कोई पेशी थी ही नहीं। जेल अधीक्षक ने तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी और साजिश का पर्दाफाश हो गया।

पुलिस ने दोनों सिपाहियों को किया गिरफ्तार

पुलिस लाइन के रिजर्व इंस्पेक्टर की शिकायत पर कविनगर थाना पुलिस ने दोनों सिपाहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला गंभीर अनुशासनहीनता और कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ का है। दोनों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस प्रकरण को पुलिस की छवि के लिए बड़ा झटका मानते हुए गहन जांच कर रहे हैं। उनका कहना है कि जेल प्रशासन की सतर्कता से एक बड़ा अपराध होने से बच गया। अब यह देखा जाएगा कि क्या इस साजिश के पीछे कोई और लोग भी शामिल थे।

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