एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की ओर से शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में “साइबर क्राइम एवं ए.आई.” विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने की। इस अवसर पर उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, सदस्यगण चारू चौधरी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
महिलाओं को साइबर अपराधों के नए तरीकों से कराया अवगत

कार्यशाला की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसमें सहायक पुलिस आयुक्त अरुण कुमार ने उपस्थित महिलाओं को साइबर अपराधों के नए तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आजकल अपराधी सीबीआई या पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को फोन कर ठगी कर रहे हैं। साथ ही फिशिंग लिंक, विशिंग कॉल्स, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, एटीएम कार्ड स्किमिंग, सिम स्वैपिंग, क्यूआर कोड स्कैम, सेक्सटॉर्शन, फर्जी वेबसाइट, नकली बैंक रिकवरी एजेंट और सरकारी योजनाओं के नाम पर धोखाधड़ी जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।
साइबर मामलाें में जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्क फ्रॉम होम फ्रॉड, OLX फ्रॉड, एमएलएम स्कीम, हनी ट्रैप और चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे मामलों में जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।कार्यशाला के बाद आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि आगामी जनसुनवाई व जागरूकता चौपालों के दौरान महिलाओं व बालिकाओं को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए जाएंगे। उन्होंने बल दिया कि मिशन शक्ति 4.0 के तहत आयोजित कार्यक्रमों से महिलाओं तक त्वरित और प्रभावी मदद पहुंचाई जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान यह भी सदस्य रहे मौजूद
इस अवसर पर महिला आयोग की अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के अलावा सदस्यगण सुनीता श्रीवास्तव, पूनम द्विवेदी, अनुपमा सिंह लोधि, सुजीता कुमारी, मीना कुमारी, गीता बिंद, गीता विश्वकर्मा, पुष्पा पांडेय, डॉ. प्रियंका मौर्य, मिनाक्षी भराला, ऋतु शाही, सुनीता सैनी, एकता सिंह, अर्चना पटेल, जनक नंदिनी, प्रतिभा कुशवाहा, रेनू गौड़, अवनी सिंह, डॉ. हिमानी अग्रवाल, मनीषा अहलावत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
यह भी पढ़े : यूपी में ट्रैफिक व्यवस्था होगी मजबूत, 5000 पुलिसकर्मी होंगे तैनात
यह भी पढ़े : लखनऊ-हरदोई हाईवे पर भीषण हादसा, रोडवेज बस टैंकर से टकराई , 12 यात्री घायल
यह भी पढ़े : बुलंदशहर : ट्रैक्टर-ट्रॉली को कंटेनर ने मारी टक्कर, 8 श्रद्धालुओं की मौत, 50 घायल
