लखनऊ/आगरा। यूपी पुलिस की छवि अक्सर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रहती है, लेकिन इसी विभाग में ऐसे अफसर भी हैं, जो ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से वर्दी की गरिमा को नई ऊंचाई देते हैं। ऐसा ही उदाहरण आगरा में सामने आया, जहां एसटीएफ इंस्पेक्टर यतीन्द्र शर्मा ने एक करोड़ रुपये की रिश्वत को ठुकराकर पुलिस महकमे का मान बढ़ा दिया।
हेमा मेडिको पर एसटीएफ का छापा
आगरा के फव्वारा बाजार में स्थित हेमा मेडिको पर एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम ने छापेमारी की। यहां भारी मात्रा में नकली और अवैध दवाएं बरामद हुईं। कार्रवाई के दौरान मेडिकल स्टोर के संचालक हिमांशु अग्रवाल ने टीम को रोकने के लिए एक करोड़ रुपये रिश्वत की पेशकश की। लेकिन इंस्पेक्टर यतीन्द्र शर्मा ने ईमानदारी का परिचय देते हुए इस पेशकश को ठुकरा दिया और हिमांशु को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
हवाला के जरिए चलता था कारोबार
जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क हवाला चैनल पर आधारित था। दवा कारोबारी असली बिल का सहारा लेकर नकली दवाओं की खरीद-फरोख्त करते थे। केवल 10% दवाओं का बिल बनता था, जबकि बाकी की सप्लाई बिना बिल और भुगतान हवाला से होता था। हिमांशु ने भी रिश्वत के लिए रकम हवाला से ही मंगवाई थी।
छोटी दुकान से करोड़ों का साम्राज्य
सूत्रों के अनुसार, हिमांशु ने फव्वारा बाजार की एक छोटी सी दुकान से कारोबार शुरू किया और अवैध मुनाफे के बल पर मोती कटरा में बड़ा गोदाम और कमला नगर में आलीशान कोठी खड़ी कर ली। अब आयकर विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है।
ईमानदारी की मिसाल
पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल की जा रही है और कई और नाम जल्द बेनकाब हो सकते हैं। इंस्पेक्टर यतीन्द्र शर्मा की सख्त कार्रवाई और ईमानदारी ने यह साबित कर दिया कि हर वर्दीधारी भ्रष्ट नहीं होता, बल्कि कुछ अफसर वर्दी का मान बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
