प्रयागराज। लगातार बारिश और पहाड़ी नदियों के उफान से प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। शनिवार सुबह गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। दोनों नदियां 84.73 मीटर से ऊपर बह रही हैं और जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके चलते जिले के 52 गांव और शहर के 14 मोहल्ले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
जलस्तर 1.51 मीटर और यमुना का 1.20 मीटर बढ़ा
पिछले 24 घंटों में गंगा का जलस्तर 1.51 मीटर और यमुना का 1.20 मीटर बढ़ा है। यमुना में यह बढ़ोत्तरी मध्य प्रदेश, राजस्थान और बुंदेलखंड की नदियों—केन, बेतवा और चंबल के अतिरिक्त पानी के कारण हुई है। वहीं गंगा का जलस्तर भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हो रही बारिश के कारण उफान पर है।शहर के निचले इलाकों के दो हजार से अधिक घरों में पानी भर चुका है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में तीन हजार से ज्यादा मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है। टोंस और बेलन नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब है, जिससे टोंस नदी से लगे 16 गांवों में हालात बिगड़ रहे हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने जिले में 87 बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया है। राहत कार्यों में तेजी लाते हुए 58 नावें लगाई गई हैं और अब तक पांच राहत शिविरों में 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि निचले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दे दिए गए हैं।बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और पीएसी की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर जाएं और अफवाहों से बचें।
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