एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी में मोहनलालगंज क्षेत्र के मस्तेमऊ गांव में सोमवार को अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासनिक अमले और ग्रामीणों के बीच बड़ा विवाद हो गया। कार्रवाई का नेतृत्व नायब तहसीलदार रत्नेश कुमार कर रहे थे। इसी दौरान किसान राममिलन से उनकी कहासुनी इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई। आरोप है कि नायब तहसीलदार ने किसान को थप्पड़ जड़ दिया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा और उसके कान से खून निकलने लगा। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।
किसान की हालत गंभीर, ट्रामा सेंटर में भर्ती
घायल किसान को पहले गोसाईंगंज सीएचसी ले जाया गया, जहां से उसे सिविल अस्पताल और फिर ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है।नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम खसरा संख्या–868 की भूमि से अतिक्रमण हटाने गई थी। यह जमीन खाद गड्ढे के रूप में दर्ज है, जिस पर करीब तीन हजार वर्ग फीट का कब्जा बताया गया।वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी पुश्तैनी संपत्ति है और परिवार कई पीढ़ियों से यहां रह रहा है।
माहौल बिगाड़ने की कोशिश की लिए सख्ती करना पड़ा : नायब तहसीलदार
ग्रामीणों ने जमीन की कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई और कार्रवाई का विरोध किया। महिलाओं ने भी टीम से जोरदार बहस की।घटना से गांव में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि किसान ने यदि अपशब्द कहे भी हों तो तहसीलदार को पुलिस कार्रवाई करनी चाहिए थी, हाथ उठाना प्रशासनिक गरिमा के खिलाफ है। दूसरी ओर नायब तहसीलदार रत्नेश कुमार का दावा है कि किसान अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहा था और भीड़ इकट्ठा कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा था, इसलिए उसे अलग करने के लिए सख्ती करनी पड़ी।
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