नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे पत्र में बताया कि उनका यह निर्णय चिकित्सीय परामर्श पर आधारित है।
कहा कि उन्हें इस कार्यकाल में बहुत कुछ सीखने को मिला
अपने त्यागपत्र में धनखड़ ने राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए उनके साथ कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और सौहार्दपूर्ण संबंधों की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि उन्हें इस कार्यकाल में बहुत कुछ सीखने को मिला।
सम्मान को अपनी स्मृतियों में सहेजने की बात कही
धनखड़ ने सांसदों से मिले स्नेह, विश्वास और सम्मान को अपनी स्मृतियों में सहेजने की बात कही। उन्होंने उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए मिले अनुभवों और ज्ञान को अमूल्य बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति और ऐतिहासिक बदलावों का साक्षी बनना उनके लिए गर्व की बात रही।अपने पत्र में उन्होंने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया और देश के उज्ज्वल भविष्य में अटूट विश्वास जताया।
संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत इस्तीफा दिया
उल्लेखनीय है कि जगदीप धनखड़ 11 अगस्त 2022 को भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत इस्तीफा दिया है। उपराष्ट्रपति का कार्यभार संभालने से पूर्व वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और राजस्थान से सांसद रह चुके हैं। उपराष्ट्रपति के रूप में वे राज्यसभा के सभापति की भूमिका भी निभा रहे थे।
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