एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ ।राजधानी में टोयोटा किर्लोस्कर कंपनी की डीलरशिप दिलाने के नाम पर राजधानी के एक प्रतिष्ठित कारोबारी से साइबर जालसाजों ने 1.01 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी कर डाली। धोखेबाजों ने फर्जी कांट्रैक्ट लेटर और अधिकारियों के नाम से मेल भेजकर विश्वास जमाया और विभिन्न शुल्कों के नाम पर मोटी रकम हड़प ली। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

पीड़ित के पास आया सीआरएम अभिजीत पाटिल के नाम से मेल

विपुलखंड-पांच निवासी सीएस इंफ्रा कंस्ट्रक्शन के उपाध्यक्ष रवितोष अस्थाना ने बताया कि उन्होंने बलिया के रसड़ा में टोयोटा किर्लोस्कर प्राइवेट लिमिटेड की डीलरशिप लेने के लिए गूगल पर सर्च कर एक फॉर्म भरा था। इसके बाद 15 मई को उन्हें सीआरएम अभिजीत पाटिल के नाम से मेल आया और मांगे गए दस्तावेज भेज दिए गए।

कथित कंपनी के CEO योशिमुरा मसाकाजु के साइन वाला फर्जी पत्र भेजा

6 जून को हेड डीलर डेवलपमेंट सेल के नाम से विनोद जैन का मेल आया, जिसमें डीलरशिप का कांट्रैक्ट लेटर अटैच था। इसके बाद पंजीकरण, एनओसी, लाइसेंस शुल्क और अन्य मदों में किस्तों में कुल 1.01 करोड़ रुपये जमा कराए गए। इसके बाद उन्हें कथित कंपनी के CEO योशिमुरा मसाकाजु के साइन वाला फर्जी पत्र भेजा गया।

जब जालसाजों ने और पैसों की मांग की तब शक हुआ

23 जून को जब जालसाजों ने और 1.62 करोड़ रुपये की मांग की, तो रवितोष को शक हुआ। उन्होंने कंपनी की वेबसाइट दोबारा चेक की और असली संपर्क आईडी पर मेल भेजकर कांट्रैक्ट लेटर की पुष्टि कराई। जवाब मिला कि न तो कोई कांट्रैक्ट जारी हुआ है और न ही संपर्क करने वाली आईडी अधिकृत है।इंस्पेक्टर साइबर थाना बृजेश कुमार यादव के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

यह भी पढ़े : पाकिस्तानी वीडियो के जरिए सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की साजिश नाकाम, तीन गिरफ्तार

यह भी पढ़े : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से दिया पद से इस्तीफा

यह भी पढ़े : 69 की उम्र में जगदीश सिंह ने रचा इतिहास, वर्ल्ड पुलिस गेम्स में भारत के लिए जीते 9 मेडल

यह भी पढ़े : रंजिश में की गई युवक की हत्या, इंदिरानगर पुलिस ने 5 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

यह भी पढ़े : धान के खेत में सपा सांसद प्रिया सरोज, परंपरागत अंदाज में की रोपाई, वीडियो वायरल

यह भी पढ़े : जाकिर नाईक का नेटवर्क यूपी में सक्रिय? विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण पर बड़ा शक

यह भी पढ़े : बच्ची से हैवानियत के मामले में अभी तक स्कूल प्रबंधक का दर्ज नहीं हो सका बयान

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *