एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW), उत्तर प्रदेश ने अनुसूचित जाति के लिए जारी करोड़ों रुपये की ऋण अनुदान राशि का गबन करने के मामले में बर्खास्त डाककर्मी शैलेंद्र कुमार और उसके सहयोगी परशुराम को गिरफ्तार किया है। इन दोनों को क्रमशः पटना (बिहार) और गोरखपुर से दबोचा गया।
फर्जी लाभार्थियों के नाम पर निकाल लिए थे 1.12 करोड़
यह मामला वर्ष 2011-16 के बीच गोरखपुर जनपद में संचालित स्वतः रोजगार योजना से जुड़ा है, जिसके तहत 83 फर्जी लाभार्थियों के नाम पर कुल 1.12 करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई थी। इनमें से सिर्फ 20,000 ही असली लाभार्थियों तक पहुंचे, जबकि शेष रकम डाकघर बेतियाहाता व सिविल लाइंस शाखा से नकद निकाल कर अभियुक्तों ने आपस में बांट ली।
दोषी पाये जाने के बाद डाक विभाग ने सेवा से कर दिया था बर्खास्त
शैलेंद्र कुमार उस समय कूड़ाघाट डाकघर में कार्यरत था। उसने फर्जी खाता खोलकर सरकारी रकम अपने नाम ट्रांसफर कराई। वर्ष 2022 में इस घोटाले के एक अन्य मामले में भी उसे दोषी पाए जाने पर डाक विभाग ने सेवा से बर्खास्त कर दिया था।इस प्रकरण में पहले ही 3 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि अन्य के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। पुलिस महानिदेशक ईओडब्ल्यू के निर्देश पर चलाए गए ‘शिंकजा’ अभियान के तहत यह गिरफ्तारी की गई।
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