एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ। राजधानी का सबसे व्यस्त इलाका हजरतगंज इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। खासकर शाम के वक्त यहां सड़क पर रेंगते वाहन और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था आमजन के लिए मुसीबत बन गई है। जाम का सबसे बड़ा कारण सड़क किनारे आड़े-तिरछे खड़े वाहन और ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता मानी जा रही है।
कुछ महीने पहले ट्रैफिक नियमों का न पालन करने पर होती थी कार्रवाई
कुछ महीने पहले तक यहां ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होती थी। सड़क किनारे गलत ढंग से खड़े वाहनों को ट्रैफिक पुलिस क्रेन से उठवा लिया करती थी। इस अभियान की शुरुआत तत्कालीन जेपीपी लॉ एंड ऑर्डर उपेंद्र अग्रवाल ने कराई थी, जिससे काफी हद तक सुधार दिखा था। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद व्यवस्था फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आई है और ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता कम हो गई है।
वीआईपी गाड़ियों को हटवाने की हिम्मत नहीं कर पाती ट्रैफिक पुलिस
सबसे बड़ी समस्या वीआईपी और वीवीआईपी परिवारों द्वारा की गई मनमानी से पैदा हो रही है। खरीदारी या खानपान के लिए जब ये लोग हजरतगंज पहुंचते हैं, तो अपनी गाड़ियां सड़क के किनारे खड़ी कर देते हैं। ट्रैफिक पुलिस इन वाहनों को हटाने की हिम्मत तक नहीं कर पाती, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग जाता है।
क्रेन न होने से सड़क किनारे से वाहनों को उठवाना हुआ मुश्किल
डीसीपी मध्य आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि फिलहाल उनके पास कोई क्रेन उपलब्ध नहीं है, इसीलिए सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवा पाना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान जरूर किए जा रहे हैं। स्थिति को सुधारने के लिए पुलिस विभाग को शाम के समय विशेष सख्ती बरतने की जरूरत है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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