एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ।राजधानी की वजीरगंज कचहरी परिसर में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक दहेज उत्पीड़न केस का आरोपी पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला। फरार आरोपी की पहचान सआदतगंज निवासी मो. जैद के रूप में हुई है, जो वर्ष 2000 में हुसैनगंज थाने में दर्ज दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में अभियुक्त है। उसे गोसाईगंज जेल से कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था।

बाथरूम के बहाने दोनों सिपाहियों को धक्का देकर निकला भाग

कोर्ट परिसर में बने लॉकअप में जैद को रखा गया था, जहां से हेड कांस्टेबल फरीद अहमद और मुकीम उसे पेशी के लिए एसीजेएम-1 की अदालत में लेकर गए। शाम करीब चार बजे पेशी के बाद जब आरोपी को वापस लॉकअप लाया जा रहा था, उसी दौरान बाथरूम के बहाने उसने दोनों सिपाहियों को धक्का दिया और भाग निकला। सिपाहियों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह सफलतापूर्वक फरार हो गया।

काफी तलाशी के बाद नहीं लगा कोई सुराग

घटना की जानकारी मिलते ही लॉकअप प्रभारी दरोगा विपिन सिंह ने आसपास के इलाके में तलाशी कराई, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद दरोगा विपिन सिंह ने आरोपी मो. जैद और ड्यूटी पर मौजूद दोनों सिपाहियों के खिलाफ वजीरगंज थाने में आईपीसी की धारा 261 और 262 के तहत केस दर्ज कराया।

आरोपी की तलाश में दो टीमें गठित

एसीपी चौक राजकुमार सिंह ने लापरवाही बरतने वाले दोनों हेड कांस्टेबलों के खिलाफ निलंबन की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुट गई है और दो टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।यह घटना न केवल पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि न्यायालय परिसर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा करती है।

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