लखनऊ । भारतीय सेना द्वारा आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल कार्रवाई “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए सघन कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने खुद मोर्चा संभालते हुए सभी फील्ड इकाइयों को चौकसी बढ़ाने और केंद्र के सुरक्षा बलों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें

भारतीय सेना द्वारा सीमापार आतंकी ठिकानों पर की गई निर्णायक कार्रवाई “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सतर्कता बरतते हुए राज्य में रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने प्रदेश के सभी जिलों को निर्देशित किया है कि वे रक्षा बलों से समन्वय स्थापित करें और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

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पुलिस विभाग को रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, बाजार व सार्वजनिक स्थलों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त बम निरोधक दस्तों, डॉग स्क्वॉड और क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया टीम) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी तेज की जा रही है।

अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आपात बलों की तैनाती

डीजीपी प्रशांत कुमार ने ट्वीट जारी करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश पुलिस पूरी तरह सतर्क, संसाधनों से लैस और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है। सभी यूनिट्स को चौकसी बरतने व संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।”प्रदेश में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आपात बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। आमजन से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

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आज पूरे प्रदेश में होगी मॉक ड्रिल

युद्ध के दौरान हमलों से बचने के लिए पूरे प्रदेश में बुधवार को मॉक ड्रिल होेगी, जिसमें सायरन बजने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से इस बाबत दिए गए निर्देशों के बाद डीजीपी ने मंगलवार को पूरे प्रदेश में मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया है। नागरिक सुरक्षा संगठन के नेतृत्व में होने वाली इस कवायद में जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ आदि सहयोग करेंगे।

जनता को लाउडस्पीकर के जरिये संभावित खतरों से किया जाएगा आगाह

सीएम योगी के निर्देश पर सभी जिलों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम को दुरुस्त किया गया था, जिसका फायदा मॉक ड्रिल में देखने को मिल सकता है। प्रदेश के सभी चौराहों पर लाउडस्पीकर के जरिये जनता को संभावित हमले के खतरों के बारे में आसानी से आगाह किया जा सकेगा, जिससे लोग तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जा सकेंगे।केंद्र सरकार ने प्रदेश के 19 जिलों में मॉक ड्रिल कराने का निर्देश दिया है, जिसमें बुलंदशहर सबसे संवेदनशील है।

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