लखनऊ । डीजीपी प्रशांत कुमार द्वारा मंगलवार को पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम के प्रारम्भ करते हुए पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर द्वारा अपने प्रस्तुतिकरण में नोएडा के उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें तकनीकी नवाचार, अपराधों पर नियन्त्रण, गैंगेस्टर माफिया के विरूद्ध की गई कार्रवाई का उल्लेख किया गया।
डीजीपी ने नवनिर्मित पिंक बूथों का किया लोकार्पण
इसके पश्चात सांसद, गौतमबुद्धनगर, विधायक दादरी और जेवर द्वारा अपने उद्बोधन में पुलिस में हो रहे नवाचार और सुरक्षा के क्षेत्र में उठाए जा रहे प्रभावी कदमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में आधुनिक तकनीक और स्मार्ट पुलिसिंग से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।उक्त कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक यूपी द्वारा महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण व नवाचार की दिशा में लोक सहयोग से नवनिर्मित पिंक बूथों, पुलिस चौकी, वीडियों-वॉल एवं बहुउददेशीय भवन का लोकार्पण किया गया।
पिंक बूथ महिलाओं की सुरक्षा दिलाने में होगी कारगर
डीजीपी द्वारा कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित लोक सहयोग से नवनिर्मित 11 पिंक बूथों का लोकार्पण किया गया जिसके संबंध में डीजीपी द्वारा बताया गया कि नोएडा एक हाईटेक सिटी है, जहां महिलाएं देर रात तक कार्यरत रहती हैं। ऐसे में पिंक बूथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

महिलाएं बिना संकोच पिंक बूथ पर जाकर शिकायत दर्ज करा सकती हैं और तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में अपराधों पर त्वरित नियंत्रण व संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी व समन्वित पुलिस कार्रवाई, डेटा व सूचना का तत्काल प्रसार व स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यामाहा ग्रुप के सहयोग से 26 थानों में वीडियों वॉल व्यवस्था नवनिर्मित अत्याधुनिक भवन का लोकार्पण किया गया।
कमिश्नेट प्रणाली सीएम की दूरदृष्टि से ही संभव हो पाया
पुलिस महानिदेशक यूपी द्वारा संबोधन में कहा गया किः यह अवसर महज पुलिस infrastructure के लोकार्पण का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बदलते सुरक्षा दृष्टिकोण और कम्यूनिटी पुलिसिंग के नये युग की झलक है। हम सब गौरवान्वित हैं कि प्रधानमंत्री के परिकल्पित स्मार्ट पुलिस (Strict & Sensitive, Modern & Mobile, Alert & Accountable, Reliable & Responsive) के विज़न को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और गतिशील राज्य में कमिश्नरेट प्रणाली की स्थापना लंबे समय से लंबित थी, लेकिन यह सुधार स्वतंत्रता के बाद पहली बार मुख्यमंत्री की राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दूरदृष्टि और साहसिक निर्णय क्षमता के कारण ही संभव हो पाया।
यूपी की पहली महिला कमिश्नर बनी लक्ष्मी सिंह
आज लखनऊ, नोएडा, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और प्रयागराज, कानपुर जैसे नगरों में लागू कमिश्नरेट प्रणाली ने उत्तर प्रदेश में सक्रिय, उत्तरदायी और पारदर्शी पुलिसिंग के नए मानक स्थापित किए हैं। इससे अपराध नियंत्रण में सफलता के साथ ही जनता का पुलिस पर विश्वास सशक्त हुआ है। इस परिवर्तन में गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने अग्रणी भूमिका निभाई है व पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूँ।

जिन्होंने नोएडा पुलिस को न केवल उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान किया, बल्कि महिला सशक्तिकरण के नए प्रतिमान भी स्थापित किए। उनकी उत्तर प्रदेश की पहली महिला पुलिस कमिश्नर के रूप में नियुक्ति मिशन शक्ति अभियान की मूल भावना को साकार करती है। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान के प्रारंभिक वाहक के रूप में महिला सशक्तिकरण को राज्य की सुरक्षा नीति का अभिन्न हिस्सा बनाया।
नोएडा पुलिस को पूरे राज्य में एक मॉडल फोर्स के रूप में स्थापित किया
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में कई मोर्चों पर उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित की हैं, चाहे वह गैंगस्टर एवं माफिया नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई हो, साइबर अपराध के विरुद्ध विशेष अभियान, ड्रग्स और अवैध शराब के खिलाफ निर्णायक कदम, अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश, या फिर वैश्विक आयोजनों की उत्कृष्ट सुरक्षा व्यवस्था ।
इसके साथ-साथ महिला सुरक्षा हेतु पिंक बूथ की स्थापना, थानों में वीडियो वॉल्स की शुरूआत, त्वरित रिस्पॉन्स के लिए मॉडर्न वाहनों का समावेश, और जेवर एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भागीदारी ने नोएडा पुलिस को पूरे राज्य में एक मॉडल फोर्स के रूप में स्थापित किया है।
प्रदेश पुलिस आज एक नए युग में प्रवेश कर चुकी: डीजीपी
डीजीपी द्वारा पुलिस बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में दिये गये सहयोग के लिए याकोहामा समूह का हृदय से धन्यवाद देते हुए अन्य कॉर्पोरेट समूहों, औद्योगिक संस्थानों और स्टार्टअप्स से भी आह्वान किया कि वे आगे आएँ और पुलिसिंग को सहयोग देकर राज्य की सुरक्षा एवं सुशासन में भागीदार बनें। साथ ही यह भी कहा गया कि पुलिस अब सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और उद्योग दोनों की साझा जिम्मेदारी बन चुकी है।
पुलिस कमिश्नर को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए हार्दिक बधाई दी
अंत में गौतमबुद्ध नगर पुलिस के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विशेष रूप से पुलिस कमिश्नर को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए हार्दिक बधाई दी गयी तथा कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस आज एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है- जहाँ संवेदनशीलता के साथ सख्ती है, तकनीक के साथ मानवीय दृष्टिकोण है, और परंपरा के साथ नवाचार है एवं कहा कि हम सभी को मिलकर एक ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है जो सुरक्षित हो, सशक्त हो और समाज के हर वर्ग को सुरक्षा का भरोसा दे।
परिंदे संस्था से आए बच्चों से आत्मीय भेंट की

पुलिस महानिदेशक यूपी द्वारा कार्यक्रम के दौरान नन्हें परिंदे संस्था से आए बच्चों से आत्मीय भेंट की गई। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही, उन्हें उपहार भी प्रदान किए गए, पुलिस महानिदेशक ने समाज में ऐसे संस्थानों की भूमिका की सराहना की और समाज के सभी वर्गों को जरूरतमंद बच्चों के कल्याण में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया गया।
सराहनीय कार्य करने वालों को डीजीपी ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के पश्चात में पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर द्वारा डीजीपी, सांसद, गौतमबुद्धनगर, विधायक दादरी और जेवर, सीईओ ग्रेटर नोएडा, सीईओ नोएडा, डीएम गौतमबुद्धनगर, यामाहा मोटर ग्रुप के कॉर्पोरेट निदेशक को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम के दौरान डीजीपी द्वारा पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस कार्मिको की सराहना करते हुए उन्हे पुरस्कार / प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीईओ ग्रेटर नोएडा, सीईओ नोएडा, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर, यामाहा मोटर ग्रुप के कॉर्पोरेट निदेशक सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहें।