लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल आज पेश होगा। 8 घंटे की चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू चर्चा का जवाब देंगे और पास कराने के लिए वोटिंग होगी। बुधवार को ही बिल को लोकसभा में पास कराने की तैयारी है। इसके बाद सरकार इस सत्र के बाकी बचे दो दिन यानी गुरुवार और शुक्रवार को ही इसे राज्यसभा में पेश कर वहां से भी पास कराने की तैयारी में जुटी है।

समाजवादी पार्टी इस विधेयक के पहले भी विरोध में थी

कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के दल इस बिल का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार के साथ उनके सहयोगियों पर भी निशाना साधा। मसूद ने कहा कि नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान, जयंत चौधरी समझ लें कि बिल पास हुआ तो मुसलमान उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस विधेयक के पहले भी विरोध में थी और आगे भी रहेगी।

सांसद ई. टी. मोहम्मद बशीर ने असंवैधानिक करार दिया

उन्होंने कहा कि बीजेपी संशोधन के जरिए वक्फ संपत्तियों पर पूरा नियंत्रण चाहती है।बीजेडी सांसद ससमित पात्रा ने कहा कि हमारी पार्टी बिल का विरोध करेगी। हमारा स्टैंड स्पष्ट है, हमने पहले भी कहा है कि यह विधेयक ठीक नहीं है। आईयूएमएल सांसद ई. टी. मोहम्मद बशीर ने असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा है कि इस बिल को सदन में पेश किया जाएगा तो हम इसका विरोध करेंगे। क्योंकि इस बिल के माध्यम से वक्फ की जमीनों को छीनने की कोशिश की जाएगी।

क्या वक्फ बिल संसद में पास हो पाएगा?

लगभग पूरे विपक्ष के विरोध के बीच सवाल ये है कि क्या वक्फ बिल संसद में पास हो पाएगा? बीजेपी को इस बिल को पास कराने में दिक्कतों का सामना होने की उम्मीद कम ही है। उसके सहयोगी दल इस मुद्दे पर साथ हैं। चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और नीतीश कुमार की जेडीयू भी बिल के समर्थन में हैं। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी को जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) जैसे प्रमुख सहयोगियों के समर्थन का भरोसा है, जिनका समर्थन विधेयक को संसद से पारित कराने के लिए महत्वपूर्ण है।

क्या संसद में बीजेपी के पास नंबर गेम है?

लोकसभा: लोकसभा की कुल 543 सांसद है और बहुमत के लिए 272 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। सरकार के पास बिल पास करवाने के लिए जरूरी 272 की संख्या से 21 सांसद ज्यादा है। एनडीए के पास फिलहाल 293 सांसद हैं। 542 सांसदों में से 240 बीजेपी के हैं, 12 जेडी(यू) के हैं, 16 टीडीपी के हैं, पांच एलजेपी (आरवी) के हैं, दो राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के हैं और सात शिवसेना के हैं। अगर एनडीए की सभी पार्टियां बीजेपी का साथ देती हैं तो बिल आसानी से पास हो जाएगा।

राज्यसभा में एनडीए के 125 सांसद

राज्यसभा: राज्यसभा में एनडीए के 125 सांसद हैं। इसमें से बीजेपी के 98, जेडी(यू) के चार, टीडीपी के दो, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के तीन, शिवसेना का एक और आरएलडी का एक सांसद है। 245 सदस्यों वाले सदन में इस विधेयक को पारित कराने के लिए 119 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। एनडीए को भरोसा है कि उसे असम गण परिषद और तमिल मनिला कांग्रेस जैसी पार्टियों के साथ-साथ छह मनोनीत सदस्यों का समर्थन भी मिल जाएगा।

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