लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि भारत ने कभी तलवार के बल पर शासन नहीं किया। भगवान राम ने माता सीता को खोजते हुए लंका पर विजय प्राप्त की लेकिन वहां का राज्य विभीषण को सौंप दिया। उन्होंने कहा था कि लंका कितनी भी स्वर्णमयी हो लेकिन जन्मभूमि और जननी से बढ़कर कुछ नहीं। इसी तरह किष्किंधा में श्रीराम ने बाली का वध कर सुग्रीव का राज्याभिषेक किया और दंडकारण्य में ऋषियों को सुख प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुरु गोरक्षनाथ ज्ञानस्थली का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि यह पावन धरा दुनिया को करुणा और मैत्री का संदेश देती है। इतिहास साक्षी है कि भारत ने कभी तलवार के बल पर शासन नहीं किया।
भारत अब दुनिया का पिछलग्गू नहीं बल्कि पांचवीं अर्थव्यवस्था बन चुका
मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि आज नवरात्र की सप्तमी तिथि है। यह महाकाली को समर्पित है। सनातन परंपरा ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ के सूत्र से शुरू होती है। उन्होंने गुरु गोरक्षनाथ ज्ञानस्थली के उद्घाटन पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि भारत की परंपरा ने हमेशा ज्ञान की आराधना की है।
‘आनो भद्रा क्रतवो यन्तु विश्वतः’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चारों ओर से आने वाली ज्ञान की धारा को ग्रहण करना प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है। समाज के प्रबुद्ध वर्ग और सज्जन शक्ति को इसके लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। भारत अब दुनिया का पिछलग्गू नहीं बल्कि पांचवीं अर्थव्यवस्था बन चुका है। जल्द ही तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनेगा।
पिछले 10 वर्षों में भारत में व्यापक बदलाव आया
उन्होंने 2008 के समय को याद करते हुए कहा कि तब यहां अराजकता और असुरक्षा का माहौल था। बेटियां और व्यापारी असुरक्षित थे और तत्कालीन सरकारों के एजेंडे में विकास और शिक्षा की कोई जगह नहीं थी। पिछले 10 वर्षों में भारत में व्यापक बदलाव आया है।
पहले भारत के सामने पहचान का संकट था। आज यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के रूप में उभरा है। यह नया भारत अपनी ताकत और सौहार्द का अहसास करा रहा है। भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि वह बल, बुद्धि और वैभव में कितना भी मजबूत हो, मगर जबरन किसी पर न तो आधिपत्य स्थापित करेगा न ही किसी का आधिपत्य स्वीकार करेगा।
देश हर क्षेत्र में परिवर्तन के दौर से गुजर रहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए याेगी ने कहा कि देश हर क्षेत्र में परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। विरासत और विकास का बेहतर समन्वय ही कल्याणकारी जीवन की कुंजी है। अयोध्या में 500 साल की दासता की बेड़ियां टूटने और राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब देश अपनी विरासत पर गर्व करता है, तो महाकुम्भ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु सनातन धर्म के सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं।
भारतीय परंपरा को अपमानित करना अपना अधिकार समझते थे
सीएम योगी ने सिद्धार्थनगर के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि राजकुमार सिद्धार्थ का बचपन यहीं बीता था। ज्ञान प्राप्त करने के बाद वे गौतम बुद्ध कहलाए। बौद्ध धर्म ने करुणा और मैत्री के बल पर दुनिया को आकर्षित किया, न कि तलवार के दम पर। मुख्यमंत्री ने 2014 से पहले के समय को याद करते हुए कहा कि तब कुछ लोग राम और कृष्ण को मिथक बताते थे। भारतीय परंपरा को अपमानित करना अपना अधिकार समझते थे। 2014 के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने अपनी विरासत और विकास के समन्वय से नई ऊंचाइयों को छुआ है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों का कायाकल्प इसका प्रमाण है।