लखनऊ। चैत्र नवरात्रि और रामनवमी के पावन पर्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, और कानून-व्यवस्था के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। हर जिले में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

मंदिरों और शोभा यात्राओं की सुरक्षा होगी चाक-चौबंद

नवरात्रि और रामनवमी के दौरान भारी भीड़ की आशंका को देखते हुए डीजीपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे मंदिर व्यवस्थापकों के साथ पूर्व समन्वय बनाएं। मंदिरों पर एंट्री कंट्रोल, एंटी-सबोटाज चेकिंग, और महिला-पुरुष पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। सभी पुलिसकर्मियों को पूर्व से ही ब्रीफ करने को कहा गया है।

अयोध्या और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष फोकस

जनपद अयोध्या में रामनवमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के मद्देनजर बैरिकेटिंग, पार्किंग, और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह सभी जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों (ट्रबल स्पॉट्स) को चिन्हित कर संबंधित क्षेत्राधिकारी, मजिस्ट्रेट और थाना प्रभारी को समस्या के त्वरित समाधान के लिए निर्देशित किया गया है।

नई परंपराओं पर रोक, आयोजकों से समन्वय जरूरी

डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि नई परंपराओं को अनुमति नहीं दी जाएगी। त्योहार से पहले शांति समितियों, धार्मिक नेताओं, और कार्यक्रम आयोजकों के साथ बैठकें कर स्थानीय जरूरतों के अनुसार समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

संयुक्त निरीक्षण और दंगा नियंत्रण का अभ्यास

सभी जनपदों में वरिष्ठ अधिकारी जुलूस मार्गों, मंदिर परिसरों, और मेला स्थलों का संयुक्त निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही दंगा नियंत्रण योजना का पुनः अभ्यास कराने और सभी आवश्यक उपकरणों की जांच कर उन्हें क्रियाशील स्थिति में रखने को कहा गया है। शरारती तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ड्रोन, सीसीटीवी, मेडिकल और जल सुरक्षा पर विशेष व्यवस्था

भीड़भाड़ वाले स्थलों पर यूपी-112 वाहनों की तैनाती, ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी निगरानी, और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की जाएगी। नदी या जलाशयों में श्रद्धालुओं के स्नान के दौरान गोताखोर, नाव, और पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा चिकित्सीय टीम, अग्निशमन वाहन, और आपात सेवाएं भी सक्रिय रहेंगी।

सोशल मीडिया पर नजर, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

डीजीपी ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आपत्तिजनक व भ्रामक पोस्ट पर तत्काल संज्ञान लेकर उनका खंडन किया जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया सेल को पुलिस मुख्यालय के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया है।

यातायात व्यवस्था और स्टेशनों की सुरक्षा होगी पुख्ता

त्योहार के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था, और रूट प्लानिंग सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों पर फिजिकल चेकिंग, डॉग स्क्वॉड, और बम डिस्पोजल यूनिट की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। अंत में डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि सभी जिलों के पुलिस अधिकारी त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें और किसी भी सूचना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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