संजीव सिंह, बलिया।ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम ने शुक्रवार को बलिया के खेजुरी में छापेमारी की। आयुष्मान कार्ड योजना के तहत झारखण्ड के रांची में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए ईडी की टीम बलिया पहुंची थी।ईडी के अधिकारियों ने खेजुरी में सुजीत यादव के घर सुबह पौने सात बजे से शाम पांच बजकर पचास मिनट तक गहनता से जांच की। हालांकि, सुजीत यादव घर पर नहीं थे।
छापेमारी के दौरान अलमारी, बैग, कपबोर्ड व इलेक्ट्रोनिक डिवाइस खंगाले
ईडी की टीम ने सुजीत के पिता हरेराम यादव की मौजूदगी में दिन भर हुई छापेमारी के दौरान अलमारी, बैग, कपबोर्ड और इलेक्ट्रोनिक डिवाइस खंगाले। टीम अपने साथ हरेराम यादव के घर से कुछ कागजात भी ले गई है। हालांकि, प्रयागराज स्थित सब जोनल ऑफिस से धर्मेंद्र चौहान के नेतृत्व में आए ईडी के अधिकारियों ने मीडिया से बात करने इनकार कर दिया। प्रयागराज से आई ईडी की टीम जोनल ऑफिस रांची के निर्देश पर खेजुरी में सर्च करने आयी थी।
हरेराम यादव का बेटा रांची में आयुष्मान कार्ड में कार्यरत
मनी लांडरिंग के मामले में आई ईडी की टीम के जाने के बाद सुजीत यादव के पिता हरेराम यादव ने कहा कि मेरा बेटा रांची में आयुष्मान कार्ड में कार्यरत है। उसी के संदर्भ में अधिकारी लोग पूछताछ कर रहे थे। हरेराम यादव का बड़ा पुत्र सुजीत झारखण्ड के रांची में आयुष्मान योजना में कर्मचारी है। एक लड़का उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में आयुष्मान योजना में ही कर्मचारी है।
फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर पैसे का भुगतान कराया गया
ऐसा कहा जा रहा है कि झारखण्ड में हुए आयुष्मान योजना के घोटाले में कहीं न कहीं हरेराम यादव के बड़े पुत्र सुजीत की संलिप्तता है। इस योजना के तहत बिना इलाज के व फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर पैसे का भुगतान कराया गया है। ईडी की टीम द्वारा इनके रांची, मऊ और बलिया आवास पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। आयुष्मान कर्मचारी सुजीत के पिता का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय की टीम कुछ कागज और आयुष्मान कार्ड लेकर गई है। कुछ लिख कर भी दिया है।