लखनऊ। यूपी की राजधानी के चौक थानाक्षेत्र से लापता सर्राफा व्यापारी रूप नारायण सोनी की हत्या में सगे भाईयों समेत तीन आरोपितों को दुबग्गा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ब्याज की रकम वापस न करने पाने पर सर्राफा व्यापारी द्वारा हत्यारोपितियों की मौसेरी बहन से अवैध संबंध बनाने का दबाव डाला गया था जिससे आजिज होकर आरोपितों ने व्यापारी की हत्या की थी।

दो महिला बाल अपचारी को भी सरंक्षण लिया गया

डीसीपी पश्चिम विश्वजीत विश्वकर्मा ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि सर्राफा व्यापारी रूपनारायण सोनी की हत्या में तीन आरोपित पकड़े गये है। इनमें अतरौली निवासी गोलू भाई विनय कुमार उर्फ छोटू और माल थाना क्षेत्र के रहने वाला हंसराज है। इनके पास से पांच किलो सफेद और 143 ग्राम पीली धातू बरामद की है। दो महिला बाल अपचारी को भी सरंक्षण लिया गया है।

ब्याज की रकम वापस न करने पर शारीरिक संबंध बनाने का बना रहा था दवाब

पुछताछ में अभियुक्त भाईयों ने बताया कि सर्राफा व्यापारी की चौक इलाके में पवन ज्वैलर्स नाम से दुकान है। उनकी मौसेरी बहन ने व्यापारी से ब्याज पर रकम लिया था, जिसे समय से वापस नहीं कर पा रही थी। इस पर रूपनारायण उनकी बहन को शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बना रहा था। उसकी प्रताड़ना से परेशान होकर षडयंत्र के तहत उसकी हत्या कर दी। बाद में चाबी लेकर दुकान से जेवर चुरा​ लिए।

सर्राफा का शव फेंकने के लिए एंबुलेंस का किया इस्तेमाल

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से जेवर और हत्या में इस्तेमाल किया गया ईंट बरामद कर लिया गया है। घटना का खुलासा करने वाली टीम को डीसीपी ने 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। अभियुक्तों ने बताया कि सर्राफा व्यापारी की हत्या करने के बाद शव को एम्बुलेंस में रखकर थाना क्षेत्र मड़ियांव में घैला पुल के पास फेंक दिया। ताकि किसी को पता न चल सके कि हत्या किसने की थी। अभियुक्तों के अपराधिक इतिहास के बारे में पुलिस पता लगा रही है। फिलहाल सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।

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