लखनऊ । एसटीएफ उत्तर प्रदेश को सीबीआई , नारकोटिक्स, क्राईमब्रांच के अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले संगठित गिरोह के एक सदस्य को इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई।

160 अमेरिकन डालर भारतीय कीमत लगभग 3280 रुपये नकद बरामद

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम सुरेश कुमार सैन पुत्र रामदयाल सैन निवासी ग्राम रामनगर, थाना बानसुर, तहसील बानसुर ,जिला कोटपुतली अलवर, राजस्थान है। इसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक पासपोर्ट, दो कम्बोडिया के इम्प्लाइमेंट कार्ड, एक एबीए बैंक कम्बोडिया का एटीएम कार्ड, 01 फ्लाइट टिकट फोनम कम्बोडिया से नई दिल्ली भारत, एक पेमेंट रशीद एक माह के लिए कम्बोडिया में गेस्टहाउस बुकिंग से सम्बन्धित, एक कम्बोडिया का सिम कार्ड, तीन कम्बोडिया के सिम कार्ड होल्डर, 160 अमेरिकन डालर भारतीय कीमत लगभग 3280 रुपये नकद बरामद किया है।

डिजिटल अरेस्ट करने वालों की काफी दिनों से थी तलाश

एसटीएफ यूपी उत्तर प्रदेश को विगत काफी समय से सीबीआई, नारकोटिक्स, क्राईमब्रांच के अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले संगठित गिरोहों के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही थी। इस सम्बन्ध में एसटीएफ यूपी की विभिन्न टीमों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था। जिसके क्रम में विशाल विक्रम सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफके पर्यवेक्षण मे एसटीएफ मुख्यालय स्थित साइबर टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्रवाई प्रारम्भ की गयी तथा अभिसचूना तन्त्र को सक्रिय किया गया।

डा. अशोक सोलंकी के साथ हुई थी डिजिटल ठगी

अभिसूचना संकलन के क्रम में ज्ञात हुआ कि डा अशोक सोलंकी निवासी लखनऊ ने थाना साइबर क्राइम, लखनऊ में मुकदमा पंजीकृत कराया कि उनको सीबीआई, नारकोटिक्स, क्राईमब्रांच के अधिकारी बनकर दो दिन तक जांच के नाम पर डिजिटल अरेस्ट कर 48.00 लाख रुपए की ठगी की गयी।

अब तक कुल 11 अभियुक्तों को किया जा चुका है गिरफ्तार

उपरोक्त प्रकरण पर तकनीकी विशेषज्ञता के आधार पर विष्लेषण एवं मुखबिर के माध्यम से सूचना संकलित करते हुए,14-11-2024 को एसटीएफ टीम द्वारा गुरूग्राम हरियाणा से 05 अभियुक्तों16-11-2024 को लखनऊ से दो अभियुक्तों,03-12-2024 को लखनऊ से 03 अभियुक्तों व 26-12-2024 को लखनऊ से 01 अभियुक्त कुल-11 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था।

इसी क्रम में इस गिरोह के मुख्य सदस्य सुरेश कुमार सैन जो गिरफ्तारी से बचने के लिए कम्बोडिया फरार हो गया था। जिसको 25 जनवरी को कम्बोडिया से भारत आने की सूचना प्राप्त होने पर इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया, जिससे उपरोक्त बरामदगी हुई।

कंबोडिया में एक बांग्लादेशी नागरिक मिला था

गिरफ्तार अभियुक्त सुरेश कुमार सैन ने पूछताछ में बताया कि मैं अप्रैल 2023 में दिल्ली से कोलकाता, बैंकॉक, होते हुए सीएमरीप एयरपोर्ट कंबोडिया गया था। मुझे एजेंट रफीक भाटी झूझनू, राजस्थान के जानने वाले एजेंट नितिन निवासी मुंबई के माध्यम से कंबोडिया में एक बांग्लादेशी नागरिक मिला था।

जो मुझे एक होटल में लेकर गया। मै उस होटल में 05 दिन तक रुका। इसके बाद वह बांग्लादेशी नागरिक, यासीन चौधरी निवासी पाकिस्तान के माध्यम से मुझे फ्नोमपेन्ह शहर और उसके आस-पास के कथित चाइनीज लोग द्वारा संचालित साइबर ठगी करने वाली 05 कम्पनियों/कॉल सेंटरों पर लेकर गया था।

मैंने लगभग 10 महीने तक साइबर ठगी का काम किया

मेरे साथ नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान आदि देशों के लोग भी गये थे। इन कम्पनियों,काल सेंटरों मे पहले हम लोगों का इंटरव्यू हुआ। इन कम्पनियों,काल सेंटरों में हम लोगों को सीबीआई, नारकोटिक्स, क्राईमब्रांच के अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने, आनलाइन ट्रेडिंग, शेयर आदि में इनवेस्ट करने पर कम समय में धन दोगुना करने के प्रलोभन भरे आफर देकर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश व नेपाल आदि देशों में साइबर ठगी करने की ट्रेनिंग दी जाती थी। इन काल सेंटरों में मेरा कई चरणों में इण्टरब्यू लिया गया एवं कई दिन तक मुझे ट्रेनिंग दी गयी थी। यहां पर मैंने लगभग 10 महीने तक साइबर ठगी का काम किया।

नितिन के माध्यम से लोगों को कम्बोडिया बुलाने लगा

मैं साइबर ठगी करने वाले इन कम्पनियों/काल सेंटरों में कालिंग की जाब के लिए कमीश न लेकर भारत से कालर को बुलाने का भी काम करने लगा। मैं, अपने पर्सनल कांटेक्ट व नितिन के माध्यम से लोगों को कम्बोडिया बुलाने लगा। मेरे व यासीन के माध्यम से किसी का सेलेक्शन इन ठगी की कम्पनियों/कॉल सेंटरों में होने पर 1000 डालर का कमीशन मिलता था, जिसे मैं व यासीन चौधरी आपस में बांट लेते थे। यहां पर मैं कालरों को कम्पनियों/कॉल सेंटरों में ले जाता था, उनका सेलेक्शन कराता था।

इंटरव्यू लेने वाले लोग भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश के होते थे

कथित चीनी कम्पनियों, कॉल सेंटर में इंटरव्यू लेने वाले लोग भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश के होते थे। साइबर ठगी की इन कम्पनियों, काल सेंटरों पर मैंने लगभाग 30 कालरों को खुद से व यासीन चौधरी के माध्यम से लगभग 75 कालरों को सेलेक्ट कराया था।

यह कम्पनियां/काल सेन्टर पोडपेड-कम्बोडिया में है। इसके बाद मैनें मार्च 2024 में यासीन चौधरी से अलग होकर अपना खुद का रेस्टोरेंट फ्नोमपेन्ह (कम्बोडिया) में खोल लिया था। पर दो माह बाद इसको बंद कर कैंपोट शहर (कम्बोडिया) में मनोरथ नाम से दूसरा रेस्टोरेन्ट खोला इसी रेस्टोरेन्ट के पते पर मैं साइबर ठगी के लिए कालरों को वीजा दिलाकर बुलाता हूँ।

भारत से कम्बोडिया भेजने के लिए लेता है एक लाख पचास हजार

मैं भारत से कम्बोडिया भेजने के लिए लोगों से एक लाख 50 हजार रुपये लेता हूं, व इसके बाद कंबोडिया में कथित चाइनीज कम्पनियों/कॉल सेंटरों में सेलक्शन कराकर कम्पनीव कॉल सेंटर वालों से बतौर कमीशन-1000 डालर लेता हूं। मैं कुछ कालरों को भारत से कम्बोडिया ले जाने के लिए कम्बोडिया से भारत आया था। अभियुक्त द्वारा दी गयी जानकारी के माध्यम से गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। अभियुक्त से बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों का फारेंसिक परीक्षण कराया जोयेगा।

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