महाकुम्भ नगर, 19 जनवरी। प्रयागराज में पावन त्रिवेणी तट पर उमड़े आस्था के जनसमुद्र के बीच संत समागम का भी शुभ संयोग देखने को मिल रहा है। आम जन को विभिन्न परंपराओं के संत-महात्माओं के दर्शन हो रहे हैं तो यह संत समाज के लिए भी एक दूसरे से भेंट-मुलाक़ात का सुअवसर है।

पूज्य शंकराचार्य के शिविर में जाकर सबका कुशल क्षेम पूछा

रविवार को ऐसे ही सुखद दृश्य देखने को मिले, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने पूज्य शंकराचार्य व अन्य संत-गणों के शिविर में जाकर सबका कुशल क्षेम पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य शंकराचार्यों और संतगणों कि कृपा से महाकुम्भ सुचारू पूर्वक चल रहा है। उन्होंने शंकराचार्यों के आगमन को आयोजन के लिए मंगलमय बताया। उन्होंने कहा कि संतों के आगमन से महाकुम्भ की समस्त दिव्यता और भव्यता संभव है।

समस्या का तत्काल निराकरण करने के दिये निर्देश

भेंट-मुलाक़ात के दौरान मुख्यमंत्री ने पूज्य संतों और उनके अनुयायियों के लिए की गई व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली और किसी भी तरह की समस्या का तत्काल निराकरण करने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री सबसे पहले मेला क्षेत्र के सेक्टर-9 स्थित कर्षिणी आश्रम के गुरुशरणानंद जी और आचार्यबाड़ा के अध्यक्ष व मंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इसके बाद वह प्रयाग सुमेरु पीठ के परम पूज्य संत जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद जी से मिलने उनके शिविर पहुंचे।

योगी ने जगद्गुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती से शिष्टाचार भेंट की

वासुदेवानंद सरस्वती जी को प्रणाम कर महाकुम्भ और सनातन धर्म के लिए किये गये उनके योगदान के लिए साधुवाद दिया। महाकुम्भ में उनके अनुयायियों और शिविर के लिये मेला प्राधिकरण द्वारा की गई व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने पुरीपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती से शिष्टाचार भेंट की। उनकी कुशक्षेम पूछ कर महाकुम्भ में उनके आगमन को सनातन की जय बताया। इसके बाद उन्होंने शारदा द्वारिकापीठ शंकराचार्य सदानंद सरस्वती जी के दर्शन किये।

यहां आने वाले हर श्रद्धालु के लिए अविस्मरणीय बनेगा महाकुम्भ :योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में समीक्षा बैठक संपन्न होने के बाद सेक्टर 7 स्थित उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पवेलियन भी पहुंचे। यहां उन्होंने विभिन्न राज्यों के कलाकारों की प्रस्तुतियों को देखा। वो अनुभूति केंद्र भी देखने गए, जहां कुम्भ यात्रा को ऑडियो-वीडियो माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र हर श्रद्धालु के लिए अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने वाला है।

महाकुम्भ में 45 करोड़ लोग साक्षी बनने वाले

उन्होंने कहा कि महाकुम्भ हजारों-हजार वर्ष का इतिहास समेटे हुए है। भारत की दिव्यता, भव्यता, एकता और विविधता से भरे हुए महाकुम्भ में 45 करोड़ लोग साक्षी बनने वाले हैं। 8 करोड़ से ज्यादा लोग अब तक त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगा चुके हैं। किसी भी श्रद्धालु को जो महाकुम्भ और कुम्भ के विषय में जानना चाहता हो, उसे समझना चाहता हो, उसे यहां जरूर आकर देखना चाहिए। यहां उनका न सिर्फ कुम्भ और महाकुम्भ से, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से साक्षात्कार होगा। यह केंद्र दुनिया को प्राचीन भारत की समृद्ध विरासत के दर्शन कराएगा।

गंगावतरण और समुद्र मंथन की कथाएं कर रहीं आकर्षित

उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पवेलियन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करने वाली अनेक विशेषताएं हैं। यहां गंगावतरण और समुद्र मंथन की कथाओं का मंचन किया गया है। वहीं, 635 फीट चौड़ा और 54 फीट ऊंचा प्रवेश द्वार पांडाल की शोभा बढ़ा रहा है। इसी तरह, यहां स्थानीय और क्षेत्रीय कलाओं का भी प्रदर्शन किया गया है। यही नहीं, 7 क्षेत्रों में शिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है तो मां दुर्गा और गणपति के पट्टचित्र का भी प्रस्तुतीकरण आकर्षक है।

विशेष खगोल रात्रि का भी प्रदर्शन किया जा रहा

इसके अलावा, विशेष खगोल रात्रि का भी प्रदर्शन किया जा रहा है, जो अंतरिक्ष के रहस्यों से पर्दा उठाता है। वहीं, 14,632 कलाकारों द्वारा पूरे आयोजन के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। क्षेत्रीय उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन के साथ ही शास्त्रीय और लोक कलाकारों का प्रदर्शन और पारंपरिक शिल्पकला और कारीगरी को दर्शाने वाले स्टाल्स लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने वाले हैं।

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