लखनऊ। प्रयागराज महाकुंभ हादसे को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पूरी शिद्दत से राहत कार्य में जुटी हुई है। स्थिति लगभग पूरी तरीके से नियंत्रण में है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से बात करके और पूरी घटना की जानकारी ली है। केंद्र सरकार ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री मेला क्षेत्र के अधिकारियों के लगातार संपर्क में
इस दुखद हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है। मुख्यमंत्री मेला क्षेत्र के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। उन्हें दिशा निर्देश दे रहे हैं। पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज पहुंचे श्रद्धालुओं से अपील की है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज क्षेत्र में मां गंगा के हर घाट की हर बूंद अमृत है।
नजदीक किसी भी घाट पर डुबकी लगाकर महाकुंभ का पुण्य अर्जित करें
इसलिए प्रयागराज पहुंच रहे तीर्थयात्री और कल्पवास कर रहे श्रद्धालु अपने नजदीक किसी भी घाट पर डुबकी लगाकर महाकुंभ का पुण्य अर्जित करें।मुख्यमंत्री ने कहा है कि संगम नोज पर वैसे ही भारी भीड़ है। इसलिए असुविधा से बचने के लिए अपने पास के गंगा घाटों पर डुबकी लगाना धर्म सम्मत है। साथ ही श्रद्धालु मेलाक्षेत्र प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। अफवाहों पर भरोसा न करें।
मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के बाद पूजा अर्चना और दान-पुण्य जारी
महाकुम्भ का दूसरा अमृत स्नान आज है। मौनी अमावस्या के दिन किया जाने वाला यह स्नान धार्मिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा जाता है, ऐसे में महाकुम्भ के दूसरे अमृत स्नान के दिन डुबकी लगाने से भक्तों को कई शुभ परिणाम प्राप्त होंगे। स्नान के बाद दान-पुण्य और मौन व्रत रखना भी आज के दिन धार्मिक दृष्टि से कल्याणकारी है। हिंदू पंचांग के अनुसार अमृत स्नान के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 25 मिनट से लेकर 6 बजकर 18 मिनट तक है। गौरतलब है कि, कड़ी सुरक्षा के बीच बड़ी संख्या में भक्त त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं।
महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान पर बने हैं ये शुभ योग
पण्डित अवधेश मिश्र शास्त्री ने बताया कि, महाकुम्भ के दिन दूसरे अमृत स्नान के दिन त्रिग्रही योग बना है। इस दिन सूर्य-बुध और चंद्रमा मकर राशि में एक साथ विराजमान हैं। इसके साथ ही शिववास योग भी दूसरे अमृत स्नान के दिन बना हुआ है। इन शुभ योगों में स्नान-दान करने से महा पुण्य की प्राप्ति होगी।
मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के दिन क्या करना शुभ
ज्योतिषाचार्य राकेश त्रिपाठी ने बताया कि, आप चाहें प्रयागराज में त्रिवेणी घाट में डुबकी लगाएं चाहे घर पर ही व्रत और पूजन करें, कुछ कार्य आपके लिए बेहद शुभ फलदायी इस दिन हो सकते हैं। इस दिन आपको सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। पितरों को स्मरण करते हुए ’ॐ पितृ देवतायै नमः’ मंत्र का जप करना चाहिए। तुलसी के पास दीपदान करने के साथ ही इस दिन कुछ समय के लिए मौन रहना चाहिए। इन कार्यों को करने से शुभ फल आपको प्राप्त होगा।
इस दिन गंगा नदी या किसी पवित्र नदी में स्नान करें
उन्होंने बताया कि, मौनी अमावस्या के दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, तिल और चावल का दान करें। मान्यता है कि ऐसा करने से पितर खुश होते हैं। इस दिन गंगा नदी या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर यह संभव न हो, तो घर पर ही गंगाजल में पानी डालकर स्नान कर लें। इस दिन गाय, कुत्ते और कौवे को भोजन खिलाना शुभ माना जाता है। यह पितरों को प्रसन्न करता है।
मकर संक्रांति से अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु लगा चुके हैं डुबकी
महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी के दिन पूर्णिमा के स्नान से हुई थी। तब से अब तक प्रयागराज के पवित्र त्रिवेणी घाट में 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं।
आत्म अनुशासन बनाए रखें, अपने नजदीकी घाट पर ही करें स्नानः योगी
मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर्व पर प्रयागराज सनातनियों का महासागर बन चुका है। संगम में पवित्र डुबकी की आस लिये महाकुम्भ नगर पहुंचे श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रमुख संतों ने अपील जारी की है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि श्रद्धालुगण मां गंगा के जिस भी घाट के समीप हैं, वहीं स्नान करें, संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। स्नानार्थियों के लिए कई घाट बनाए गये हैं, जहां सुविधाजनक रूप से स्नान किया जा सकता है। उन्होंने सभी से मेला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सीएम योगी ने सभी से अपील की है कि वह किसी भाी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान न दें।
संगम में स्नान का आग्रह छोड़ दें
सीएम योगी के साथ ही धर्म गुरुओं ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है। स्वामी रामभद्राचार्य ने महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सभी संगम में स्नान का आग्रह छोड़ दें और निकटतम घाट पर स्नान करें। लोग अपने शिविर से बाहर न निकलें। अपनी और एक दूसरे की सुरक्षा करें। उन्होंने वैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख संत की हैसियत से सभी अखाड़ों और श्रद्धालुओं से अफवाहों से बचने का आह्वान किया।
आत्म अनुशासन का पालन करते हुए सावधानी पूर्वक स्नान करें
बाबा रामदेव ने कहा है कि करोड़ों श्रद्धालुओं के इस हुजूम को देखते हुए हमने फिलहाल केवल सांकेतिक स्नान किया है। इसके साथ ही समूचे राष्ट्र और विश्व के कल्याण की कामनाा की गई है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हम भक्ति के अतिरेक में न बहें और आत्म अनुशासन का पालन करते हुए सावधानी पूर्वक स्नान करें। वहीं जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने भी कहा कि हमने फिलहाल सांकेतिक स्नान किया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी ने बताया कि इस वक्त 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज में हैं। इतनी बड़ी तादाद में भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल होता है। हमारे साथ लाखों की संख्या में संतों का हुजूम है। हमारे लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है।