महाकुम्भ, 19 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी गणतंत्र दिवस, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर महाकुम्भ मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन और संचार तंत्र को और बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता चाहिए। भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से इन विशेष दिवसों पर पांटून पुल पर आवागमन वन-वे रखा जाए।

पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल ज़ोन घोषित किया जाए

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल ज़ोन घोषित किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की आस्था का पूरा सम्मान होना चाहिए। जिसे भी किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो, व्यवस्था में लगे लोग आगे बढ़कर मदद करें।

22 जनवरी को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक भी यहां होगी

रविवार को प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने पहले मेला क्षेत्र का भ्रमण किया और फिर अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में राष्ट्रपति जी उपराष्ट्रपति जी, प्रधानमंत्री जी और केंद्रीय गृह मंत्री जी सहित अनेक गणमान्य जनों का प्रयागराज में आगमन प्रस्तावित है। 22 जनवरी को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक भी यहां होगी। इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां समय से कर ली जानी चाहिए।

मेला परिसर में लगभग डेढ़ करोड़ श्रद्धालु उपस्थित

आइसीसीसी सभागार में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति के अनुसार मेला परिसर में लगभग डेढ़ करोड़ श्रद्धालु उपस्थित हैं। अब तक 07 करोड़ से अधिक लोग त्रिवेणी स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पौषपूर्णिमा और मकर संक्रांति पर आस्था का जन समुद्र उमड़ा था, यह सुखद रहा कि हर आगंतुक श्रद्धालु संतुष्ट होकर यहां से गया। अब आगामी मौनी अमावस्या के मौके पर 08-10 करोड़ लोगों के आगमन का अनुमान है।

बड़ी संख्या में लोगों का आगमन होगा

इससे पहले गणतंत्र दिवस पर भी बड़ी संख्या में लोगों का आगमन होगा। ऐसे में लोगों की सुविधा और सुरक्षा के दृष्टिगत पुख्ता प्रबंध होने चाहिए। बिजली और पेयजल आपूर्ति हो, शौचालय और उसकी सफाई हो, पांटून पुलों का अनुरक्षण हो, अथवा भीड़ के मूवमेंट की रणनीति, हर एक बिंदु पर अच्छी तैयारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात प्रबंधन/गाड़ियों की पार्किंग के बारे में लगातार प्रचार-प्रसार किया जाए।

मोबाइल नेटवर्क को और बेहतर करने की भी जरूरत

मुख्यमंत्री ने मेलाक्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क को और बेहतर करने की भी जरूरत बताई। उन्होंने कहा मीडिया और पुलिस हो या आम श्रद्धालु, मोबाइल नेटवर्क की जरूरत सभी को पड़ती है। मौनी अमावस्या के दृष्टिगत टॉवर क्षमता और कवरेज को और बेहतर किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर प्रयास करें कि जो लोग जिस ओर से आ रहे हैं, वहीं के निकटस्थ घाट पर स्नान कर सकें। उन्होंने स्नानार्थियों को कम से कम पैदल चलने के लिए आवश्यक प्रबंध के निर्देश दिये।

मेला स्पेशल ट्रेनें पूरे दिन चलाई जानी चाहिए

रेलवे के अधिकारियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुव्यवस्था बनाने में रेलवे की बड़ी भूमिका है। मकर संक्रांति का अनुभव सभी ने किया है। स्नान के बाद श्रद्धालु अपने गंतव्य जाना चाहता है इसलिए मेला स्पेशल ट्रेनें पूरे दिन चलाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूटीन गाड़ियों और मेला स्पेशल ट्रेनों के लिए अलग-अलग रेलवे स्टेशन हों तो बेहतर होगा। रूटीन ट्रेनों को यथासंभव निरस्त अथवा डाइवर्ट करके चलाना उचित होगा। रेलवे को आगामी 25 जनवरी से 05 फरवरी तक के लिए पूरी सतर्कता के साथ विशेष प्रबंध करने होंगे।

200 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेनें चलाये जाने की तैयारी

उन्होंने कहा कि ट्रेनों के आवागमन, प्लेटफॉर्म संख्या आदि के बारे में लगातार एनाउंसमेंट किया जाता रहे। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करें कि गाड़ियों के आवागमन के लिए एक बार घोषित प्लेटफार्म संख्या में बदलाव न हो। रेलवे अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि मौनी अमावस्या पर 200 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेनें चलाये जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम को शटल बसों की संख्या बढ़ाने और उनके लगातार चलाने के भी निर्देश दिए।

कल्पवासियों को कोई समस्या न हो

विभिन्न सेक्टरों में अवस्थापना व अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागवाल से संबंधित सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति, शौचालय की व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत है। कल्पवासियों को कोई समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल खोया पाया केंद्र के सुचारु संचालन में स्थानीय संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र में अलग लग स्थानों पर अलाव जलाने के भी निर्देश दिये, साथ ही कहा कि घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। जल पुलिस, गंगा दूत एक्टिव रहें।

यहां आने वाले हर श्रद्धालु के लिए अविस्मरणीय बनेगा महाकुम्भ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में समीक्षा बैठक संपन्न होने के बाद सेक्टर 7 स्थित उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पवेलियन भी पहुंचे। यहां उन्होंने विभिन्न राज्यों के कलाकारों की प्रस्तुतियों को देखा। वो अनुभूति केंद्र भी देखने गए, जहां कुम्भ यात्रा को ऑडियो-वीडियो माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र हर श्रद्धालु के लिए अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने वाला है। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ हजारों-हजार वर्ष का इतिहास समेटे हुए है।

8 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में पावन डुबकी लगा चुके

भारत की दिव्यता, भव्यता, एकता और विविधता से भरे हुए महाकुम्भ में 45 करोड़ लोग साक्षी बनने वाले हैं। 8 करोड़ से ज्यादा लोग अब तक त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगा चुके हैं। किसी भी श्रद्धालु को जो महाकुम्भ और कुम्भ के विषय में जानना चाहता हो, उसे समझना चाहता हो, उसे यहां जरूर आकर देखना चाहिए। यहां उनका न सिर्फ कुम्भ और महाकुम्भ से, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से साक्षात्कार होगा। यह केंद्र दुनिया को प्राचीन भारत की समृद्ध विरासत के दर्शन कराएगा।

गंगावतरण और समुद्र मंथन की कथाएं कर रहीं आकर्षित

उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पवेलियन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करने वाली अनेक विशेषताएं हैं। यहां गंगावतरण और समुद्र मंथन की कथाओं का मंचन किया गया है। वहीं, 635 फीट चौड़ा और 54 फीट ऊंचा प्रवेश द्वार पांडाल की शोभा बढ़ा रहा है। इसी तरह, यहां स्थानीय और क्षेत्रीय कलाओं का भी प्रदर्शन किया गया है। यही नहीं, 7 क्षेत्रों में शिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है तो मां दुर्गा और गणपति के पट्टचित्र का भी प्रस्तुतीकरण आकर्षक है।

विशेष खगोल रात्रि का भी प्रदर्शन किया जा रहा

इसके अलावा, विशेष खगोल रात्रि का भी प्रदर्शन किया जा रहा है, जो अंतरिक्ष के रहस्यों से पर्दा उठाता है। वहीं, 14,632 कलाकारों द्वारा पूरे आयोजन के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। क्षेत्रीय उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन के साथ ही शास्त्रीय और लोक कलाकारों का प्रदर्शन और पारंपरिक शिल्पकला और कारीगरी को दर्शाने वाले स्टाल्स लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने वाले हैं।

प्रदर्शनी पंडाल में राज्य के प्रमुख स्थलों का दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु

प्रयागराज महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के अमृत स्नान की तैयारियों की समीक्षा करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले मेला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा स्थापित पर्यटन गैलरी का अवलोकन किया। गैलरी में उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्थलों को भव्यता के साथ प्रदर्शित किया गया है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में तीव्र गति से विकास करने वाला राज्य है। घरेलू पर्यटन के मामले में यूपी पहले स्थान पर है। विदेशी पर्यटकों के आगमन में भी यह उपलब्धि हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

प्राकृतिक विरासत की अनुभूति करा रही

उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा स्थापित यह गैलरी उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासत की अनुभूति करा रही है। महाकुम्भ में देश और दुनिया से आने वाले पर्यटकों को राज्य में व्याप्त पर्यटन की असीम संभावनाओं से यह परिचित कराएगी। यहां ईको टूरिज्म को भी विशेष रूप से दर्शाया गया है। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म में भी तेजी से प्रगति कर रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिल रही है।

पर्यटकों को यूपी भ्रमण के लिए किया जा रहा प्रेरित

उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा महाकुम्भ-2025 प्रयागराज के अवसर पर डिजिटल प्रदर्शनी पंडाल की स्थापना की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य महाकुम्भ में देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को राज्य में व्याप्त पर्यटन की असीम संभावनाओं से परिचित कराना है। यह महाकुम्भ-2025 की अवधारणा (दिव्य, भव्य एवं डिजिटल) पर आधारित है। प्रदर्शनी पंडाल में एनामार्फिक डिजिटल वॉल के माध्यम से उत्तर प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों को प्रदर्शित किया गया है।

उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध हस्तशिल्प उत्पाद को भी दर्शाया जा रहा

पंडाल में आने वाले पर्यटकों/श्रद्धालुओं को महाकुम्भ के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों को प्रदर्षित कर वहां भ्रमण के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया है। पंडाल में ईको टूरिज्म सें सम्बन्धित गंतव्य स्थल पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। इस पंडाल की समृद्ध संस्कृति का भी प्रदर्शन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इसके अलावा उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध हस्तशिल्प उत्पाद को भी दर्शाया जा रहा है।

360 डिग्री व्यू देखने की सुविधा

इस गैलरी में उत्तर प्रदेश पर्यटन से संबंधित ऑनलाइन क्विज का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र डिजिटली प्रदान किया जाएगा। इस प्रदर्शनी पंडाल में विभाग द्वारा पर्यटन गन्तव्यों पर निर्मित कराई गई एआरवीआर फिल्मों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। पर्यटकों को प्रदर्शनी पंडाल से ही पर्यटन गन्तव्यों का 360 डिग्री व्यू देखने को मिलेगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रयागराज के रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन के साथ-साथ महाकुंभ क्षेत्र में परेडग्राउंड, नागवासुकी मंदिर, अरैल आदि स्थान पर्यटन सूचना केंद्र भी बनाए गए हैं।

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