महाकुम्भ नगर। मौनी अमावस्या स्नान के अवसर पर संगम नोज पर हुए हादसे की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व न्यायाधीश हर्ष कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। पुलिस भी हादसे की जांच करेगी। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक गुरुवार को घटना स्थल का दौरा करेंगे। प्रदेश सरकार मृतकों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी।

90 श्रद्धालु घायल हो गए, जिसमें से 30 की मौत हो गई

गौरतलब है कि मंगलवार की रात को संगम नोज पर हुई भगदड़ में 90 श्रद्धालु घायल हो गए, जिसमें से 30 की मौत हो गई।महाकुंभ भगदड़ में 30 लोगों की मौत पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “घटना अत्यंत दुखद है, मृतकों के प्रति मेरी विनम्र श्रद्धांजलि है। जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।

मृतक आश्रितों को मिलेगा 25-25 लाख का मुआवजा

इस घटना की पूरी जांच करवा करके हम इसकी तह में जाएंगे। इसके अलावा पुलिस के स्तर पर भी हम लोग इसकी अलग से जांच करवाएंगे कि ये घटना किन कारणों की वजह से हुई है। मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। न्यायिक आयोग इस पूरे मामले को देखकर एक समय सीमा के अंदर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा।“ इस घटना की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भावुक हो गए।

एक समय सीमा के अंदर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा

इस हादसे की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश हर्ष कुमार को बनाया गया है। पूर्व डीजीपी वी.के. गुप्ता और सेवानिवृत्त आईएएस बी.के. सिंह आयोग के सदस्य हैं। न्यायिक आयोग इस पूरे मामले को देखकर एक समय सीमा के अंदर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा।

भारी भीड़ के दबाव में बैरिकेड्स टूटने से यह हादसा हुआ

बुधवार को मेला अधिकारी विजय किरन आनन्द एवं डीआईजी मेला वैभव कृष्ण ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि भारी भीड़ के दबाव में बैरिकेड्स टूटने से यह हादसा हुआ। जमीन में लेटे हुए श्रद्धालु दौड़ते श्रद्धालुओं के कदमों तले कुचले गए। उन्होंने बताया कि हादसे में 90 श्रद्धालु घायल हुए, जिसमें से 30 श्रद्धालुओं की मौत हुई। 25 मृतकों की पहचान हो चुकी है। शेष पांच की पहचान के प्रयास जारी हैं। 24 घायलों को घर भेज दिया गया है। 36 घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है।

आज कोई वीवीआईपी या वीआईपी प्रोटोकाल नहीं था

मेलाधिकारी विजय किरन आनन्द ने बताया कि आज कोई वीवीआईपी या वीआईपी प्रोटोकाल नहीं था। आज किसी प्रकार के वीआईपी वाहन का प्रवेश नहीं था। उन्होंने बताया कि आगे भी अमृत स्नान के पर्व पर कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं होगा। मेलाधिकारी ने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मेला प्रशासन ने मृतकों व घायलों की जानकारी के लिये हेल्प लाइन नम्बर 1920 जारी किया।

श्रद्धालुओं की सहायता के लिए आरएसएस ने जारी किया सम्पर्क नंबर

महाकुम्भ प्रयागराज में बुधवार को भगदड़ के कारण 30 श्रद्धालुओं की जान गयी है। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु भटक गये हैंं। इसलिए देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन में कुछ प्रतिबंध लगाए गए। प्रयागराज के पड़ोसी जिलों में ही सभी साधन रोक दिए गए हैं। ट्रेन भी निरस्त हुई हैं। ऐसी परिस्थिति में यदि कोई संघ परिवार के कार्यकर्ता या उनके स्वजन कहीं भी कोई मदद चाहते होंगे तो काशी प्रांत के कार्यकर्ता यथासंभव सहयोग के लिए तैयार हैं।

संघ की ओर से अलग अलग स्थान और दिशाओं में सहयोग हेतु सम्पर्क नंबर जारी किये गये हैं। सहायता के लिए निम्न नंबरों पर सम्पर्क किया जा सकता है।

राकेश तिवारी, सह प्रांत कार्यवाह, काशी केंद्र 9454940375

आदित्य, विभाग प्रचारक, प्रयाग 9452433932

मुकेश, भाग कार्यवाह, कुंभ मेला क्षेत्र 9450502262

मनोज, भाग कार्यवाह, मध्य शहर और प्रयाग जंक्शन स्टेशन क्षेत्र,9307025992

प्रेमसागर जिला प्रचारक गंगापार, पड़ोस जिला अयोध्या या लखनऊ की तरफ से आने वाला क्षेत्र। 9889800307,

अजय विभाग बौद्धिक प्रमुख, प्रयाग, नैनी और अरेल क्षेत्र,9838599503

मेला ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक अंजनी कुमार राय की भी मौत

मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम नोज के पास हुए हादसे में मेला ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक अंजनी कुमार राय की भी जान चली गई। श्री राय की जान श्रद्धालुओं को बाहर निकालने में गई है।महाकुम्भ मेले में संगम नोज के समीप हुई भगदड़ को रोकने की कोशिश में लगे उपनिरीक्षक अंजनी कुमार राय एक बड़े हादसे को रोकने में फर्ज निभाते हुए भीड़ के नीचे दब गए और उनकी मौत हो गई।वह उत्तर प्रदेश के कई थानों में थाना प्रभारी रहे। वर्तमान में महाकुम्भ मेला ड्यूटी के लिए आए हुए थे।

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