एसएमयूपी न्यूज, ब्यूरो। मंगलवार की सुबह नेपाल और तिब्बत की सीमा के पास भयंकर भूकंप के कारण धरती कांप उठी है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.1 मापी गई है। भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके झटके भारत के बिहार, यूपी, दिल्ली एनसीआर, बंगाल समेत कई राज्यों में महसूस किए गए हैं। चीन के बयान में बताया गया कि नेपाल सीमा के पास तिब्बत क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप में अब तक 53 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 62 लोग घायल हैं। भूकंप के चलते मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है।
चीन ने भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की
तिब्बत में भूकंप शिगाजे शहर में आया. शिगाजे शहर के डिंगरी काउंटी में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, चीन ने भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की। भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। यूएसजीएस रिपोर्ट के अनुसार, सुबह सात बजे के आसपास एक घंटे के भीतर कम से कम छह बार चार से पांच तीव्रता वाले भूकंप के झटके दर्ज किए गए।भूकंप सुबह करीब 6:52 बजे आया। नेपाल के काठमांडू, धाडिंग, सिंधुपालचौक, कावरे, मकवानपुर और कई अन्य जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं उत्तर भारत के भी कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किए गए, हालांकि भारत से अभी किसी हताहत की खबर नहीं है।
नेपाल में किसी तरह के नुकसान खबर नहीं
नेपाल की भूकंप निगरानी एजेंसी ने बताया है सुबह 6 बजकर 50 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेपाल के मुताबिक, भूकंप का केंद्र चीन का डिंगी था। नेपाल की राजधानी काठमांडू में भूकंप के झटकों के कारण लोग बुरी तरह से घबरा गए और अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक भूकंप के कारण देश से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।
भारत में भी महसूस किए गए झटके
भूकंप के झटके भारत के कई राज्यों में भी महसूस किए गए। इसकी जद में सबसे ज्यादा बिहार आया। इसके अलावा असम, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान डरे सहमे लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। यूएसजीएस भूकंप के मुताबिक, भूकंप का केंद्र लोबुचे से 93 किमी उत्तर पूर्व में था।