Earthquake:नेपाल में मंगलवार सुबह एकबार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 7.1 मापी गई। भूकंप के झटके भारत के कई राज्यों में भी महसूस किए गए। इसकी जद में सबसे ज्यादा बिहार आया। इसके अलावा सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान डरे सहमे लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए।
काफी संख्या में लोग दहशत के कारण घरों से बाहर आ गए
यूएसजीएस अर्थक्वेक्स के मुताबिक, मंगलवार सुबह नेपाल में 6 बज कर 35 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 मापी गई है। भूकंप का केंद्र नेपाल के लोबुचे से 93 किमी उत्तर पूर्व में था। इसके कारण बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्कम के कुछ हिस्सों में भी ये झटके महसूस किए गए। इस दौरान काफी संख्या में लोग दहशत के कारण घरों से बाहर आ गए।फिलहाल जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
21 दिसंबर को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे
हाल के वर्षों में नेपाल में बार-बार भूकंपइससे पहले गत माह नेपाल में 21 दिसंबर को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.8 मापी गई थी। जबकि अप्रैल 2015 में नेपाल में 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। इस दौरान लगभग 9,000 लोगों की जान चली गई थी और 20,000 से अधिक लोग घायल हुए थे। बड़ी संख्या में हुई तबाही के दौरान घरों और स्कूली इमारतों का काफी नुकसान हुआ था।
भूकंप के झटके से मची अफरातफरी
बिहार में सुबह 6.38 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किये गए। रिक्टर स्केल भूकंप की तीव्रता 7.1 मापी गई।राजधानी पटना सहित कई जिलों में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। इसका केंद्र नेपाल में था। नेपाल के कई इलाकों में भी तेज भूकंप के झटके महसूस हुए। यूएसजीएस भूकंप के मुताबिक, भूकंप का केंद्र लोबुचे से 93 किमी उत्तर पूर्व में था।बिहार में नेपाल की सीमा से सटे सभी जिलों में इसको महसूस किया गया।हमारे अररिया संवाददता राहुल कुमार ने बताया कि करीब दस सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।
35 से 40 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए
अररिया और आसपास के इलाकों में लोगों ने भूकंप के झटके को महसूस किया। सुबह 6 बजकर 37 मिनट के आसपास करीब 35 से 40 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।जिसके कारण लोगों में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और घरों के लोग सड़क पर निकल बाहर आ गए।मंगलवार की सुबह जब लोग मॉर्निंग वॉक या घरों में बिछावन पर थे तो धरती के डोलने का अहसास हुआ।जिसके बाद लोगों ने एक दूसरे से कन्फर्म किया और उसके बाद भूकंप के अहसास होने के बाद सुरक्षित बाहर निकले। नेपाल के कोसी प्रदेश के सिगात्से से 35 किलोमीटर दूर चीन में भूकंप का केंद्र बिंदु रहा। अररिया समेत नेपाल और उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटकों को महसूस किया गया।
नेपाल-चीन सीमा पर भूकंप का केंद्र बिंदू
भूकंप का केंद्र बिंदू काठमांडू से करीब 280 किमी उत्तर और माउंट एवरेस्ट से करीब 90 किमी की दूरी पर बताया गया है। यह तिब्बत का पहाड़ी क्षेत्र है जहां मानव बस्ती बहुत कम होने की बात कही गई है।स्थानीय समय अनुसार भूकंप का पहला झटका 6:50 मिनट पर महसूस किया गया। यह झटका बहुत तेज रहा और लोग घरों से बाहर निकल गए। इसके कुछ ही मिनट बाद भूकंप के दूसरे झटके की तीव्रता 5.2 मापी गई। कड़ाके की ठंड, भारी बर्फबारी के बीच भूकंप ने लोगों को घरों से बाहर रहने के लिए मजबूर कर दिया है। लोगों को दोबारा भूकंप आने का अंदेशा है।