लखनऊ ।साइबर अपराधी लोगों से ठगी करने के लिए तरह-तरह की तरकीब अपना रहे हैं। इनके हौंसले इनता बढ़ गए है कि सरकारी विभाग में बड़े पदों पर तैनात अधिकारियों की फेंक आईडी बनाकर धन उगाही का काम करना शुरू कर दिये है। कुछ ऐसा ही मामला प्रकाश में आया। एक साइबर अपराधी इंस्टाग्राम पर डीजीपी की फेंक आईडी बनाकर धन उगाही करने लगा। इसकी भनक जैसे ही पुलिस को लगी तो सक्रीय हो गई और साइबर अपराधी को धर दबोचा।

तीस दिसंबर को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गठित की टीम

बता दें कि पुलिस महानिदेशक यूपी प्रशांत कुमार की फेंक इंस्टाग्राम आईडी बनाकर जयपुर में हुयी दुर्घटना में पीड़ित की मदद के नाम धन उगाही करने वाला अभियुक्त साइबर क्राइम थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि डीजीपी की फेक इंस्टाग्राम आईडी बनाकर जयपुर में हुयी दुर्घटना में पीड़ित की मदद के नाम धन उगाही करने के सम्बन्ध में 30 दिसंबर को थाना स्थानीय पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले का पर्दाफाश करने के लिए साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।

प्रयागराज में डीजीपी के दौरे की फोटो को फेंक आईडी पर किया पोस्ट

टीम ने शनिवार को सहारनपुर से मुख्य साइबर अपराधी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में साइबर अपराधी द्वारा वर्ष 2022 में उतर प्रदेश पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार की फेक इंस्टाग्राम आईडी बनायीं गयी थी । प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन के बाद पुलिस महानिदेशक द्वारा प्रयागराज दौरा किया था जिसकी फोटो उनके आॅफिसियल ट्विटर हैंडल पर पोस्ट की गयी थी । जिसे अभियुक्त द्वारा ट्विटर हैंडल से डाउनलोड कर फेंक इंस्टाग्राम आईडी पर पोस्ट किया जाने लगा। जिसके उपरान्त उपरोक्त फेक इंस्टाग्राम आईडी पर फालोअवर की संख्या लगभग 76 हजार पहुंच गयी थी ।

जयपुर हादसे का वीडियो चलाकर क्यूआर कोड से मांगने लगा मदद

साइबर अपराधी द्वारा उपरोक्त फेंक इंस्टाग्राम आईडी को वास्तविक दिखाने के लिए ब्लू टिक वेरीफाईड भी करवाया गया । अपराधी द्वारा इसे महानिदेशक का एक फर्जी यूट्यूब अकाउंट भी बनाया गया था । इंस्टाग्राम पर क्यूआर बढ़ने के बाद जयपुर में हुयी दुर्घटना में पीड़ित की मदद के नाम धन उगाही के लिए जयपुर हादसे का विडियो चलाकर उसमे अपने बैंक खाते का क्यूआर कोड लगाकर लोगों से मदद के नाम पर रूपए ट्रान्सफर करने का आग्रह करते हुए पोस्ट किया गया था । जिसके बाद लोगों द्वारा उक्त क्यूआर कोड पर पेमेंट भी किया गया था ।

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