कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में रविवार को देश के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ‘भारत के विकास में नवाचार की भूमिका’ पर अपना संबोधन दिया। उन्होंने राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में नवाचार के महत्वपूर्ण महत्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ इस बात पर जोर दिया कि कैसे उत्कृष्टता का प्रतीक आईआईटी कानपुर, नवोन्मेषी दिमागों को पोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जो दुनिया भर में परिवर्तनकारी बदलाव ला रहे हैं।
छात्रों से पारिस्थितिकी तंत्र उठाये लाभ
प्रौद्योगिकी और संचार जैसे उद्योगों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्रों की सफलता का हवाला देते हुए उन्होंने वैश्विक बाजारों, विशेष रूप से सिलिकॉन वैली जैसी जगहों पर आईआईटी स्नातकों के दूरगामी प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने बुनियादी ढांचे, वैश्विक मान्यता और तकनीकी प्रगति के मामले में भारत की उल्लेखनीय प्रगति को भी मान्यता दी और छात्रों से अपने विकास और राष्ट्र की समृद्धि के लिए इस पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाने का आग्रह किया।
निवेश को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने का किया आग्रह
उन्होंने कॉर्पोरेट जगत से नवाचार के लिए एक मजबूत प्रतिबद्धता की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने व्यवसायों से विकास और तकनीकी उन्नति को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान और विकास में अपने निवेश को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने का आग्रह किया। अपने इनक्यूबेशन सेंटर जैसी पहलों के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने में आईआईटी कानपुर की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह आईआईटी कानपुर ने महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों सहित 400 से अधिक स्टार्टअप का समर्थन किया है, ऐसी पहलों के लिए निरंतर समर्थन की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
राज्यपाल ने की आईआईटी की सराहना
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार में अग्रणी के रूप में आईआईटी कानपुर की विशिष्ट विरासत की सराहना की और छात्रों को सार्थक सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नवाचार का मतलब सिर्फ़ नई तकनीक बनाना नहीं है, बल्कि यह समाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए नए विचारों को अपनाना है।
सही मार्गदर्शन के साथ भारत में नवाचार की प्रगति 2047 तक देश को आत्मनिर्भरता और विकास की ओर ले जाएगी।इस दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई, खादी, ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन और कपड़ा मंत्री राकेश सचान, आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल, उप निदेशक प्रो. ब्रज भूषण आदि मौजूद रहे।